मध्य प्रदेश कस्टम हायरिंग सेंटर योजना 2026-27
3. Description / विवरण
मध्य प्रदेश में किसानों, ग्रामीण युवाओं एवं अन्य पात्र आवेदकों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित करने का अवसर। जानें पात्रता, परियोजना लागत, अनुदान, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज।
मध्य प्रदेश कस्टम हायरिंग सेंटर योजना 2026-27 में ₹25 लाख तक की परियोजना और ₹10 लाख तक सब्सिडी। जानें पात्रता, जमीन, DD, आवेदन तिथि और पूरी जानकारी।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना 2026-27: किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए कृषि यंत्रों का व्यवसाय शुरू करने का अच्छा अवसर है। केंद्र सरकार की Sub Mission on Agricultural Mechanization (SMAM)व्यवस्था के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centre) स्थापित किए जाते हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को ट्रैक्टर एवं अन्य कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराए जाते हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने की आवश्यकता से बचाना तथा उन्हें खेती के लिए आधुनिक मशीनें किराये पर उपलब्ध कराना है। आधिकारिक SMAM दिशानिर्देशों में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से विभिन्न कृषि कार्यों के लिए मशीनरी उपलब्ध कराने और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने का प्रावधान है।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना क्या है
कस्टम हायरिंग सेंटर यानी (कृषि यंत्र किराया केंद्र) ऐसी व्यवस्था है, जहां किसान अपनी जरूरत के अनुसार ट्रैक्टर और विभिन्न कृषि यंत्र किराये पर ले सकते हैं। इससे छोटे एवं सीमांत किसानों को महंगे कृषि उपकरण खरीदने का खर्च नहीं उठाना पड़ता।
SMAM के अंतर्गत स्थापित CHC में खेती के अलग-अलग कार्यों के लिए आवश्यक कृषि मशीनें रखी जाती हैं और किसानों को निर्धारित/उचित किराये पर सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। आधिकारिक दिशानिर्देशों में CHC के संचालन और किसानों के लिए उचित किराये की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया है।
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना 2026-27: संक्षिप्त जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) योजना |
| योजना का उद्देश्य | कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध कराना और कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना |
| संबंधित योजना | Sub Mission on Agricultural Mechanization (SMAM) |
| लाभ | कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापना पर अनुदान |
| केंद्र में सुविधा | ट्रैक्टर एवं विभिन्न कृषि यंत्र किराये पर उपलब्ध |
| आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन आवेदन/विभागीय प्रक्रिया |
| लक्षित लाभार्थी | पात्र किसान, किसान समूह, FPO आदि |
| राज्य | मध्य प्रदेश |
कस्टम हायरिंग सेंटर पर कितना अनुदान मिलेगा?
मध्य प्रदेश में पूर्व में जारी CHC योजना के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक ट्रैक्टर एवं कृषि यंत्रों की खरीद लागत पर 40 प्रतिशत तक अथवा अधिकतम 10 लाख रुपये तक क्रेडिट लिंक्ड बैंक एंडेड अनुदान का प्रावधान बताया गया है। 2026-27 में वास्तविक राशि, लागत सीमा और पात्रता संबंधित विभाग की नवीनतम अधिसूचना के अनुसार मान्य होगी।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| अनुदान का प्रकार | क्रेडिट लिंक्ड बैंक एंडेड सब्सिडी |
| अनुदान | पूर्व निर्धारित प्रावधान के अनुसार 40% तक |
| अधिकतम अनुदान | 10 लाख रुपये तक |
| परियोजना लागत | विभाग द्वारा निर्धारित सीमा के अनुसार |
| बैंक ऋण | योजना की शर्तों के अनुसार आवश्यक हो सकता है |
कौन खोल सकता है कस्टम हायरिंग सेंटर?
कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए पात्रता संबंधित वर्ष की विभागीय गाइडलाइन पर निर्भर करती है। SMAM पोर्टल पर CHC के लिए Entrepreneur, Society/SHG/FPO</strong> आदि के लिए अलग मॉड्यूल उपलब्ध हैं। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार Society/SHG/FPO ऑनलाइन पंजीकरण के बाद CHC परियोजना के लिए आवेदन कर सकते हैं और परियोजना की स्वीकृति सरकारी अधिकारी द्वारा की जाती है।
| संभावित आवेदक | स्थिति |
|---|---|
| किसान | विभागीय पात्रता के अनुसार |
| किसान समूह | पात्रता होने पर |
| FPO | पात्रता होने पर |
| SHG/Society | पात्रता एवं योजना के नियमों के अनुसार |
| Entrepreneur | पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार |
कस्टम हायरिंग सेंटर में कौन-कौन से कृषि यंत्र रखे जा सकते हैं?
कस्टम हायरिंग सेंटर में खेती के विभिन्न कार्यों के लिए उपयोग होने वाले कृषि यंत्र रखे जाते हैं। इनमें ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, प्लाऊ, सीड ड्रिल, थ्रेशर, स्ट्रॉ रीपर सहित अन्य कृषि मशीनें शामिल हो सकती हैं। वास्तविक अनिवार्य एवं वैकल्पिक यंत्रों की सूची संबंधित वर्ष के विभागीय लक्ष्य और पोर्टल पर उपलब्ध सूची के अनुसार होगी।
| कृषि यंत्र | उपयोग |
|---|---|
| ट्रैक्टर | खेत की जुताई एवं अन्य कृषि कार्य |
| रोटावेटर | मिट्टी की तैयारी |
| कल्टीवेटर | जुताई एवं गुड़ाई |
| प्लाऊ | भूमि की जुताई |
| सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल | बुवाई एवं उर्वरक डालने का कार्य |
| थ्रेशर | फसल से दाना अलग करने के लिए |
| स्ट्रॉ रीपर | फसल अवशेष प्रबंधन |
जिले वार DD की जानकारी
कस्टम हायरिंग सेंटर के आवेदन में यदि विभागीय अधिसूचना के अनुसार धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) मांगा गया है, तो उसे संबंधित संभाग के निर्धारित अधिकारी के नाम से बनवाना होता है। उपलब्ध प्रकाशित मध्य प्रदेश CHC जानकारी में संभाग के जिलों के लिए “सहायक कृषि यंत्री, (जिला )”का नाम से बैंक ड्राफ्ट बनाने का उल्लेख किया गया है
| क्रमांक | आवेदन जिला | DD किसके नाम बनाया जाना है |
|---|---|---|
| 1 | सागर | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, सागर |
| 2 | खरगौन | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, खरगौन |
| 3 | दमोह | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, दमोह |
| 4 | विदिशा | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, विदिशा |
| 5 | रायसेन | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, रायसेन |
| 6 | नरसिंहपुर | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, नरसिंहपुर |
| 7 | जबलपुर | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, जबलपुर |
| 8 | छतरपुर | उपसंचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास, छतरपुर |
आवेदन के समय भूमि से संबंधित बी-1/खसरा आदि दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। वर्तमान वर्ष की जिला/संभागीय अधिसूचना में यदि भूमि की न्यूनतम सीमा निर्धारित की गई हो, तो वही मान्य होगी।
| भूमि संबंधी जानकारी | विवरण |
|---|---|
| जमीन किसके नाम हो? | आवेदक या माता-पिता के नाम |
| न्यूनतम जमीन | वर्तमान उपलब्ध योजना जानकारी में निश्चित एकड़ सीमा उल्लेखित नहीं |
| भूमि दस्तावेज | बी-1/खसरा आदि |
| महत्वपूर्ण | वर्तमान वर्ष की आधिकारिक अधिसूचना की शर्तें अंतिम रूप से मान्य होंगी |
कितना पैसा लगेगा और कितनी सब्सिडी?” भी अलग से रखें
कस्टम हायरिंग सेंटर में कितना पैसा लगेगा और कितनी सब्सिडी मिलेगी?
| विवरण | राशि/प्रावधान |
|---|---|
| कृषि यंत्र एवं ट्रैक्टर की परियोजना लागत | लगभग 10 लाख से 25 लाख रुपये तक |
| सरकारी अनुदान | 40 प्रतिशत तक |
| अधिकतम अनुदान | 10 लाख रुपये तक |
| अनुदान का प्रकार | क्रेडिट लिंक्ड बैंक एंडेड अनुदान |
| आवेदक का हिस्सा | शेष राशि, बैंक ऋण/स्वयं के स्रोत के अनुसार |
उदाहरण: यदि पात्र परियोजना की लागत 25 लाख रुपये है और योजना के अनुसार 40 प्रतिशत अनुदान लागू होता है, तो 40 प्रतिशत राशि 10 लाख रुपये होती है। इस स्थिति में अधिकतम 10 लाख रुपये तक अनुदान हो सकता है। वास्तविक स्वीकृत अनुदान यंत्रों की पात्र लागत और विभागीय नियमों के अनुसार तय होगा।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. कस्टम हायरिंग सेंटर योजना 2026-27 क्या है?
कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के तहत कृषि यंत्र एवं ट्रैक्टर किसानों को किराये पर उपलब्ध कराने के लिए कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापित किया जाता है। इसका उद्देश्य कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देना और किसानों को आसानी से कृषि मशीनरी उपलब्ध कराना है।
2. कस्टम हायरिंग सेंटर योजना में कितनी सब्सिडी मिलेगी?
योजना के नियमों के अनुसार पात्र आवेदक को कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक अनुदान मिल सकता है। वास्तविक अनुदान पात्र कृषि यंत्रों एवं विभागीय नियमों के अनुसार निर्धारित होगा।
3. कस्टम हायरिंग सेंटर की परियोजना लागत कितनी है?
कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए परियोजना लागत ₹10 लाख से ₹25 लाख तक रखी गई है, जो योजना के नियमों एवं स्वीकृत कृषि यंत्रों के अनुसार होगी।
4. कस्टम हायरिंग सेंटर योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
विज्ञापन में निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले आवेदक कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले 2026-27 के आधिकारिक विज्ञापन में दी गई पात्रता जरूर देखें।
5. कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए कितनी जमीन चाहिए?
जमीन से संबंधित शर्तें आधिकारिक विज्ञापन में दिए गए नियमों के अनुसार लागू होंगी। किसी निश्चित एकड़ संख्या को बिना आधिकारिक उल्लेख के अनिवार्य नहीं मानना चाहिए।
6. कस्टम हायरिंग सेंटर योजना में DD कितने रुपये का है?
आवेदन के लिए विज्ञापन में निर्धारित ₹10,000 की धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करने का प्रावधान है।
