MP Food Safety Action 2026
मध्य प्रदेश में खाद्य सुरक्षा अभियान के दौरान संदिग्ध और मिलावटी खाद्य सामग्री के खिलाफ की गई कार्रवाई को दर्शाने वाली प्रतिनिधि तस्वीर।
मध्य प्रदेश में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान लाखों किलो खाद्य सामग्री जब्त की गई और जांच में कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे।
मध्य प्रदेश में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और संदिग्ध खाद्य सामग्री के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। यह अभियान 20 जुलाई से 25 अगस्त 2026 तक प्रदेशभर में चलाया गया।
अभियान के दौरान 4,642 खाद्य नमूने लिए गए। इनमें 2,605 वैधानिक और 2,037 निगरानी नमूने शामिल थे। अब तक जांचे गए 680 नमूनों में 174 नमूने अमानक पाए गए।
₹5.61 करोड़ की खाद्य सामग्री जब्त:
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में करीब 11.73 लाख किलो संदिग्ध/मिलावटी खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹5.61 करोड़ बताई गई है। इसमें घी, मावा, मिठाई, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
घी के नमूनों में भी सामने आई गड़बड़ी:
भोपाल, इंदौर सहित कई शहरों में लिए गए घी के नमूनों की जांच में 25 ब्रांड के नमूने असुरक्षित/अमानक बताए गए। रिपोर्टों के अनुसार कुछ नमूनों में पाम ऑयल सहित अन्य मिलावट की पुष्टि हुई।
इसके अलावा कार्रवाई में 10,835 किलो एनालॉग पनीर जब्त किए जाने और 18 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस/पंजीयन निरस्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। विभाग की ओर से 172 नोटिस जारी किए गए।
मुख्य आंकड़े —
आम लोगों के लिए जरूरी बात
त्योहारों के दौरान दूध, घी, मावा, मिठाई और पनीर जैसे खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पैकिंग, लेबल, निर्माण/समाप्ति तिथि और FSSAI विवरण देखकर ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। किसी उत्पाद के बारे में संदेह होने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत की जा सकती है।
FAQ ?
निष्कर्ष:
मध्य प्रदेश में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है। अभियान में बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री जब्त हुई है और कई नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की जानकारी दी गई है।
स्रोत: मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा विभाग से संबंधित जानकारी एवं प्रकाशित रिपोर्टें।