नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026: देश में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक आधुनिक, डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार Digital India Land Records Modernization Programme (DILRMP) 3.0 की ओर बढ़ रही है। भूमि संसाधन विभाग आज 10 सितंबर 2026 को शाम 6:30 बजे DILRMP 3.0 की Operational Guidelines जारी करने जा रहा है।
PIB के अनुसार DILRMP 3.0 के लिए ₹565.50 करोड़ के प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम का उद्देश्य देश में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करना तथा आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
DILRMP 3.0 क्या है?
DILRMP यानी Digital India Land Records Modernization Programme केंद्र सरकार का ऐसा कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य देश में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी व्यवस्थाओं को डिजिटल और आधुनिक बनाना है।
इसके तहत जमीन के रिकॉर्ड, नक्शे और भूमि से जुड़ी विभिन्न जानकारियों को डिजिटल तकनीक के माध्यम से अधिक व्यवस्थित और आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाता है।
अब DILRMP 3.0 के माध्यम से इस व्यवस्था को आगे बढ़ाने की तैयारी है।
₹565.50 करोड़ के प्रस्ताव का क्या मतलब है?
PIB की जानकारी के अनुसार DILRMP 3.0 के लिए ₹565.50 करोड़ का प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान रखा गया है।
इसका उद्देश्य भूमि रिकॉर्ड के आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना और डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को मजबूत करना है।
जानकारी | विवरण |
कार्यक्रम | Digital India Land Records Modernization Programme |
नया चरण | DILRMP 3.0 |
अवधि | 2026–2031 |
प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान | ₹565.50 करोड़ |
Operational Guidelines | 10 सितंबर 2026 |
निर्धारित समय | शाम 6:30 बजे |
संबंधित विभाग | भूमि संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास मंत्रालय |
Land Stack की दिशा में बढ़ेगा काम:
DILRMP 3.0 के तहत GIS-enabled “Land Stack” की दिशा में भी काम किए जाने की जानकारी PIB ने दी है।
Land Stack का उद्देश्य भूमि से संबंधित अलग-अलग डिजिटल जानकारियों को एक बेहतर तकनीकी व्यवस्था के साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ना है।
इससे भविष्य में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
आम लोगों को क्या फायदा हो सकता है?
भूमि रिकॉर्ड किसी भी जमीन मालिक के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं। रिकॉर्ड में जानकारी आसानी से उपलब्ध होने और डिजिटल व्यवस्था मजबूत होने से कई काम अधिक सुविधाजनक हो सकते हैं।
संभावित तौर पर बेहतर डिजिटल व्यवस्था से:
- जमीन के रिकॉर्ड तक डिजिटल पहुंच आसान हो सकती है।
- भूमि से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
- डिजिटल नक्शों और रिकॉर्ड के इस्तेमाल को बढ़ावा मिल सकता है।
- भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन में पारदर्शिता और तकनीकी क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
- अलग-अलग भूमि संबंधी सेवाओं को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है।
हालांकि, किसी राज्य में आम नागरिक को मिलने वाली सुविधा और उसका तरीका संबंधित राज्य की व्यवस्था तथा लागू दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
DILRMP 3.0 कब लॉन्च होगा?
PIB की 9 सितंबर 2026 की जानकारी के अनुसार DILRMP 3.0 की Operational Guidelines 10 सितंबर 2026 को शाम 6:30 बजे लॉन्च की जानी हैं।
इसलिए अभी इसे “लॉन्च होने जा रहा है” कहना सही है। लॉन्च के बाद यदि सरकार की ओर से अतिरिक्त जानकारी, दिशा-निर्देश या नई घोषणाएं जारी होती हैं, तो इस खबर को आगे अपडेट किया जा सकता है।
DILRMP 3.0 क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत में भूमि रिकॉर्ड का सीधा संबंध जमीन के मालिकाना हक, भूमि प्रबंधन, नक्शों और कई सरकारी सेवाओं से है। ऐसे में भूमि रिकॉर्ड की डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करना महत्वपूर्ण कदम है।
DILRMP 3.0 के जरिए सरकार भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था को नई तकनीक के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। आने वाले समय में इसके तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होने वाली व्यवस्थाओं की जानकारी अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
निष्कर्ष:
DILRMP 3.0 भारत में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटल आधुनिकीकरण की दिशा में अगला महत्वपूर्ण चरण है। केंद्र सरकार के अनुसार इसके लिए ₹565.50 करोड़ का प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान है और इसकी Operational Guidelines 10 सितंबर 2026 को शाम 6:30 बजे जारी की जानी हैं।
Land Stack और GIS आधारित डिजिटल व्यवस्था पर जोर दिए जाने से आने वाले समय में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी सेवाओं को और अधिक तकनीकी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ सकता है।
आधिकारिक स्रोत
Press Information Bureau (PIB), Government of India — Department of Land Resources
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
DILRMP 3.0 क्या है?
DILRMP 3.0, Digital India Land Records Modernization Programme का नया चरण है। इसका उद्देश्य भारत में भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था को और आधुनिक एवं मजबूत बनाना है।
DILRMP 3.0 के लिए कितना वित्तीय प्रावधान प्रस्तावित है?
PIB के अनुसार DILRMP 3.0 के लिए ₹565.50 करोड़ का प्रस्तावित वित्तीय प्रावधान है।
DILRMP 3.0 की Operational Guidelines कब जारी होंगी?
PIB की जानकारी के अनुसार DILRMP 3.0 की Operational Guidelines 10 सितंबर 2026 को शाम 6:30 बजे लॉन्च की जानी हैं।
DILRMP 3.0 में Land Stack क्या है?
Land Stack भूमि से संबंधित डिजिटल जानकारी को बेहतर तरीके से जोड़ने और व्यवस्थित करने की दिशा में प्रस्तावित GIS-enabled डिजिटल व्यवस्था है।
DILRMP 3.0 से आम लोगों को क्या फायदा हो सकता है?
डिजिटल भूमि रिकॉर्ड व्यवस्था मजबूत होने से जमीन से संबंधित रिकॉर्ड और जानकारी तक डिजिटल पहुंच, रिकॉर्ड प्रबंधन और भूमि सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिल सकती है।
