जबलपुर के ओम चौकसे ने NEET, JEE Main और CUET में हासिल की सफलता, पढ़ाई के साथ पिता की दुकान में भी बंटाते थे हाथ:

जबलपुर के ओम चौकसे की सफलता की कहानी: मध्य प्रदेश के जबलपुर के छात्र ओम चौकसे ने अपनी मेहनत और निरंतर पढ़ाई से एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने उन्हें चर्चा में ला दिया है। ओम ने MP Board की 10वीं और 12वीं की मेरिट सूची में जगह बनाने के बाद NEET UG 2026, JEE Main और CUET जैसी तीन प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं में भी सफलता हासिल की।

 

उनकी कहानी इसलिए खास है क्योंकि पढ़ाई के साथ उन्हें अपने परिवार की जिम्मेदारियों में भी हाथ बंटाना पड़ता था। उनके पिता जबलपुर में सड़क किनारे स्कूल और यात्रा बैग बेचने का काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार ओम अपने पिता की दुकान के काम में भी मदद करते थे और इसके बाद अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालते थे।

पढ़ाई में शुरुआत से ही रहे आगे:

ओम चौकसे ने जबलपुर के पंडित लज्जाशंकर झा स्कूल से पढ़ाई की। बोर्ड परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन शुरू से ही मजबूत रहा। MP Board की कक्षा 10वीं की परीक्षा में उन्होंने प्रदेश की मेरिट सूची में 7वां स्थान हासिल किया।

इसके बाद कक्षा 12वीं में भी उन्होंने अपनी शानदार स्थिति बरकरार रखी। विज्ञान वर्ग में ओम ने 482 अंक प्राप्त किए और मध्य प्रदेश की मेरिट सूची में 10वां स्थान हासिल किया।

ओम चौकसे की प्रमुख उपलब्धियां:

उपलब्धि जानकारी
कक्षा 10वीं MP Board मेरिट में 7वां स्थान
कक्षा 12वीं 482 अंक, प्रदेश मेरिट में 10वां स्थान
NEET UG 2026 521/720 अंक
JEE Main सफलता हासिल की
CUET सफलता हासिल की

NEET UG 2026 में 521 अंक हासिल किए:

बोर्ड परीक्षा के बाद ओम ने मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने के लिए NEET की तैयारी की। NEET UG 2026 में उन्होंने 720 में से 521 अंक हासिल किए। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने JEE Main और CUET में भी सफलता हासिल की।

तीन अलग-अलग प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल करना इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि इन परीक्षाओं की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को अलग-अलग परीक्षा पैटर्न और विषयों के अनुसार अपनी तैयारी करनी होती है।

पढ़ाई के साथ पिता की दुकान में भी करते थे मदद:

ओम की सफलता की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा उनका दैनिक जीवन भी है। रिपोर्टों के अनुसार उनके पिता जबलपुर में स्कूल के बाहर सड़क किनारे बैग बेचते हैं। परिवार की आय का महत्वपूर्ण हिस्सा इसी काम से जुड़ा है।

 

ओम पढ़ाई के साथ पिता की दुकान में भी मदद करते थे। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि वे दुकान खोलने और बंद करने जैसे कामों में पिता का हाथ बंटाते थे और इसके बाद अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालते थे।

 

इस तरह उनकी तैयारी केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रही। पढ़ाई के साथ पारिवारिक जिम्मेदारियों को संभालना भी उनकी दिनचर्या का हिस्सा रहा।

सफलता का आधार रहा नियमित अध्ययन और रिवीजन:

ओम ने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने विषयों को समझने और बार-बार रिवीजन करने पर विशेष ध्यान दिया।

 

उनकी सफलता से यह बात सामने आती है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में केवल लंबे समय तक पढ़ना ही जरूरी नहीं है। पढ़े हुए विषय को समझना, उसका नियमित अभ्यास करना और समय-समय पर revision करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

डॉक्टर बनने का सपना:

NEET में सफलता के बाद ओम का लक्ष्य मेडिकल क्षेत्र में आगे बढ़ना है। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि डॉक्टर बनने की उनकी इच्छा उनके परिवार से जुड़ी एक व्यक्तिगत घटना से भी प्रभावित हुई। उनकी दादी की बीमारी और निधन ने उन्हें चिकित्सा क्षेत्र में जाने के लिए प्रेरित किया।

 

अब NEET UG में सफलता हासिल करने के बाद उनका अगला लक्ष्य मेडिकल शिक्षा लेकर डॉक्टर बनना और आगे समाज की सेवा करना है।

मुख्यमंत्री ने भी की ओम की उपलब्धि की सराहना:

ओम चौकसे की उपलब्धि की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सराहना की और उन्हें तथा उनके परिवार को सम्मानित किया। उनकी उपलब्धि को ऐसे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया गया है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

 

ओम चौकसे की कहानी से क्या सीख मिलती है?

ओम की कहानी को केवल परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी यात्रा में पढ़ाई, पारिवारिक जिम्मेदारी और लक्ष्य के प्रति निरंतरता तीनों दिखाई देती हैं।

 

उनकी उपलब्धि से विद्यार्थियों को यह सीख मिलती है कि उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग, नियमित अध्ययन और लगातार revision प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 

साथ ही, हर विद्यार्थी की परिस्थितियां अलग होती हैं। इसलिए किसी दूसरे की सफलता को केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि उसके पूरे प्रयास और परिस्थितियों के संदर्भ में देखना अधिक उचित है।

निष्कर्ष:

जबलपुर के ओम चौकसे ने MP Board की 10वीं में प्रदेश की मेरिट में 7वां स्थान, 12वीं में 482 अंक के साथ 10वां स्थान हासिल करने के बाद NEET UG 2026, JEE Main और CUET में भी सफलता प्राप्त की है। NEET UG में उनके 521/720 अंक रहे।

पढ़ाई के साथ पिता के बैग बेचने के काम में हाथ बंटाते हुए आगे बढ़ने वाली उनकी कहानी निश्चित रूप से उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है जो अपनी परिस्थितियों के बीच पढ़ाई जारी रख रहे हैं। ओम की आगे की मंजिल अब मेडिकल शिक्षा और डॉक्टर बनने का सपना है।

ओम चौकसे की सफलता की कहानी – FAQs

ओम चौकसे कौन हैं?

ओम चौकसे जबलपुर के छात्र हैं, जिन्होंने NEET UG 2026 के साथ JEE Main और CUET में भी सफलता हासिल की है।

ओम चौकसे ने NEET UG 2026 में कितने अंक हासिल किए?

ओम चौकसे ने NEET UG 2026 में 720 में से 521 अंक हासिल किए।

ओम चौकसे ने MP Board में कौन-सी उपलब्धि हासिल की?

उन्होंने कक्षा 10वीं में मध्य प्रदेश की मेरिट सूची में 7वीं और कक्षा 12वीं में 10वीं रैंक हासिल की।

क्या ओम चौकसे ने JEE Main और CUET भी पास किया?

हाँ, ओम चौकसे ने NEET UG के साथ JEE Main और CUET में भी अपने पहले प्रयास में सफलता हासिल की।

ओम चौकसे के पिता क्या काम करते हैं?

ओम चौकसे के पिता सड़क किनारे स्कूल और यात्रा बैग बेचने का काम करते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं।

ओम चौकसे का लक्ष्य क्या है?

ओम चौकसे का लक्ष्य डॉक्टर बनकर चिकित्सा के क्षेत्र में आगे बढ़ना है।

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