MP Cabinet Decision 2026: मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर 2026 को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और ग्रामीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट के फैसलों में पूर्व अग्निवीरों के लिए पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, सरकारी स्कूलों के कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए गणवेश राशि को DBT के माध्यम से देने, अतिथि शिक्षकों की योजना को पांच साल जारी रखने, स्वास्थ्य सुविधाओं और सिंचाई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने जैसे निर्णय शामिल हैं।
नीचे जानते हैं कि सरकार ने प्रत्येक फैसले में क्या निर्णय लिया, यह किसके लिए है और इससे क्या लाभ या असर होगा।
1. पूर्व अग्निवीरों को पांच वर्दीधारी सेवाओं में 20% क्षैतिज आरक्षण
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य की पांच वर्दीधारी सेवाओं की भर्ती में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह फैसला उन युवाओं के लिए महत्वपूर्ण है जो अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी करने के बाद राज्य की वर्दीधारी सेवाओं में रोजगार पाना चाहते हैं।
यह आरक्षण निम्न पदों की भर्ती में लागू करने का निर्णय लिया गया है:
| विभाग | पद | अग्निवीरों के लिए आरक्षण |
|---|---|---|
| गृह विभाग | पुलिस आरक्षक (सामान्य ड्यूटी) | 20% |
| गृह/पुलिस विभाग | विशेष सशस्त्र बल (SAF) | 20% |
| जेल विभाग | जेल प्रहरी | 20% |
| वन विभाग | वन रक्षक | 20% |
| वाणिज्यिक कर विभाग | आबकारी आरक्षक | 20% |
इसका फायदा किसे होगा? चार साल की अग्निवीर सेवा पूरी करने वाले पात्र युवाओं को इन राज्य स्तरीय वर्दीधारी पदों की भर्ती में अलग क्षैतिज आरक्षण का लाभ मिलेगा। हालांकि, किसी भर्ती में वास्तविक आवेदन, आयु, शैक्षणिक योग्यता, शारीरिक मापदंड और अन्य पात्रता संबंधित भर्ती नियमों के अनुसार ही तय होंगे।
2. कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए ₹600 DBT
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए गणवेश की राशि सीधे बैंक खाते में देने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है। इसके लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में ₹348 करोड़ 7 लाख की स्वीकृति दी गई है।
नई व्यवस्था में गणवेश के लिए निर्धारित ₹600 की सहायता राशि DBT यानी Direct Benefit Transfer के माध्यम से विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में दी जाएगी।
इसका फायदा किसे होगा? सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक पढ़ने वाले पात्र छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को गणवेश के लिए राशि सीधे खाते में प्राप्त होगी। इससे गणवेश खरीदने में परिवारों को आर्थिक सहायता मिलेगी और राशि सीधे लाभार्थी तक पहुंचाने की व्यवस्था होगी।
3. अतिथि शिक्षक योजना पांच साल जारी रहेगी
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने सरकारी स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹5,329 करोड़ 17 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।
सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्वीकृत पदों के रिक्त रहने पर विषय की आवश्यकता के अनुसार अतिथि शिक्षकों के माध्यम से अध्यापन कराया जाता है। राज्य में वर्तमान में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक कार्यरत बताए गए हैं।
इसका फायदा किसे होगा? योजना जारी रहने से सरकारी स्कूलों में खाली पदों के कारण पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति में अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था जारी रखी जा सकेगी। वहीं वर्तमान और भविष्य में योजना के तहत काम करने वाले पात्र अतिथि शिक्षकों के मानदेय की व्यवस्था को आगे जारी रखने के लिए बजट उपलब्ध रहेगा।
4. सिंगरौली जिला अस्पताल को 605 बिस्तरों तक बढ़ाने की मंजूरी
सिंगरौली के जिला अस्पताल की क्षमता बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने महत्वपूर्ण स्वीकृति दी है। अस्पताल में 155 अतिरिक्त बिस्तर बढ़ाकर इसकी क्षमता 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तर करने का निर्णय लिया गया है।
इसके साथ अस्पताल के आंतरिक और बाहरी विकास कार्य, बायोमेडिकल उपकरण तथा अस्पताल फर्नीचर आदि के लिए ₹372 करोड़ 12 लाख की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसका फायदा किसे होगा? सिंगरौली और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को जिला अस्पताल में अधिक बिस्तर और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त क्षमता बनने से अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध उपचार व्यवस्था का विस्तार होगा।
5. सामुदायिक, प्राथमिक और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ₹3,113.27 करोड़
मध्य प्रदेश सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप-स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण से संबंधित योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹3,113 करोड़ 27 लाख की राशि स्वीकृत की गई है।
इसी निर्णय के तहत ड्रग रेग्युलेटरी सिस्टम को मजबूत करने के लिए ₹20 करोड़ 90 लाख तथा औषधि नियंत्रण से संबंधित योजना के लिए ₹111 करोड़ 63 लाख की स्वीकृति भी दी गई है।
इसका फायदा किसे होगा? इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में प्राथमिक और सामुदायिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों की भवन संबंधी सुविधाओं में सुधार होने से लोगों को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में मदद मिल सकती है।
6. चार सिंचाई परियोजनाओं को 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी
कैबिनेट ने चार प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता विकसित करना और जल प्रबंधन से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाना है।
| परियोजना | स्वीकृत राशि | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|---|
| मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना, दतिया | ₹1,608.02 करोड़ | लगभग 78,484 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित करना |
| रामपुरा-मनासा सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना, नीमच | ₹524.65 करोड़ | लगभग 65,400 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित करना |
| कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना, उज्जैन | ₹358.22 करोड़ | कान्ह नदी के प्रदूषित पानी को शिप्रा में जाने से रोकना |
| बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना, सागर | ₹1,052 करोड़ | लगभग 80,000 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित करना |
कान्ह डायवर्सन परियोजना क्यों महत्वपूर्ण है? उज्जैन में 2028 के सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए यह परियोजना विशेष महत्व रखती है। इसके तहत प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को लगभग 30.15 किलोमीटर लंबी भूमिगत सुरंग और ढकी हुई नहर के माध्यम से मोड़ने की योजना है, ताकि प्रदूषित पानी शिप्रा नदी में न पहुंचे।
किसानों को फायदा: सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से संबंधित जिलों में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है, जिससे कृषि क्षेत्र को पानी की उपलब्धता बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
7. विमुक्त, घुमंतू और अर्धघुमंतू वर्ग के छात्रावासों में ₹1 किलो खाद्यान्न
कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रावासों तथा आश्रमों की तरह विमुक्त, घुमंतू एवं अर्धघुमंतू कल्याण विभाग के छात्रावास, आश्रम और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले लोगों को भी रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की मंजूरी दी है।
अब इन संस्थानों के रहवासियों को भोजन के लिए ₹1 प्रति किलोग्राम की दर से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। पहले यह खाद्यान्न ₹5 प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध कराया जाता था।
इसका फायदा किसे होगा? संबंधित छात्रावासों, आश्रमों और सामुदायिक कल्याण केंद्रों में रहने वाले पात्र विद्यार्थियों एवं अन्य रहवासियों को भोजन के लिए सस्ता खाद्यान्न मिलेगा। इससे भोजन व्यवस्था पर होने वाला आर्थिक भार कम करने में मदद मिलेगी।
8. ग्रामीण विकास निधि के लिए ₹3,580.22 करोड़
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश उपकर अधिनियम, 1982 के तहत भूमि के अंतरण पर मिलने वाले उपकर की राशि को ग्रामीण विकास निधि में अंतरित करने की योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए ₹3,580.22 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
यह राशि ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे से जुड़ी विकास परियोजनाओं के लिए उपयोग की जाएगी। इसके तहत त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाओं, विशेष रूप से जनपद पंचायत और जिला पंचायतों के माध्यम से ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रावधान है।
इसका फायदा किसे होगा? ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, आधारभूत सुविधाओं और अन्य विकास कार्यों के लिए उपलब्ध वित्तीय संसाधन बढ़ेंगे। इससे पंचायत स्तर पर ग्रामीण बुनियादी ढांचे से संबंधित परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
MP Cabinet के इन फैसलों का कुल मिलाकर क्या मतलब है?
29 सितंबर 2026 की कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई और ग्रामीण विकास जैसे कई क्षेत्र शामिल रहे। पूर्व अग्निवीरों के लिए आरक्षण का निर्णय रोजगार से जुड़ा है, जबकि ₹600 की DBT व्यवस्था सीधे सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों और उनके परिवारों से संबंधित है। अतिथि शिक्षक योजना के लिए बजट से सरकारी स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था को जारी रखने का प्रावधान किया गया है।
इसी तरह सिंगरौली अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्वीकृत राशि स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने से जुड़ी है। चार सिंचाई परियोजनाओं से संबंधित फैसले कृषि और जल प्रबंधन से जुड़े हैं, जबकि ग्रामीण विकास निधि का उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किया जाना है।
दमोह-कटनी फोरलेन सड़क को भी मंजूरी
इन फैसलों के अलावा कैबिनेट ने दमोह-कटनी के बीच 105.10 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग के निर्माण को भी मंजूरी दी है। मार्ग को पेव्ड शोल्डर के साथ हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित करने के लिए ₹4,470 करोड़ 30 लाख की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इस परियोजना से दमोह और कटनी के बीच सड़क संपर्क और आवागमन से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का लक्ष्य है। परियोजना की लागत में निर्माण अवधि के भुगतान और आगे की एन्यूटी, रखरखाव तथा अन्य संबंधित खर्च शामिल हैं।
MP Cabinet Decision 2026: निष्कर्ष
निष्कर्ष: 29 सितंबर 2026 की मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई क्षेत्रों से जुड़े फैसले लिए गए। इनमें पूर्व अग्निवीरों के लिए पांच वर्दीधारी सेवाओं में 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूल विद्यार्थियों के लिए ₹600 गणवेश सहायता को DBT से देने की व्यवस्था, अतिथि शिक्षक योजना को पांच साल जारी रखना, सिंगरौली जिला अस्पताल को 605 बिस्तरों तक बढ़ाना, स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ₹3,113.27 करोड़, चार सिंचाई परियोजनाओं को जारी रखना और ग्रामीण विकास निधि के लिए ₹3,580.22 करोड़ की स्वीकृति प्रमुख हैं।
आधिकारिक स्रोत
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रि-परिषद संबंधी निर्णय और सरकारी समाचारों के लिए मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग के Cabinet Decisions पेज को देखा जा सकता है।
विस्तृत फैसलों के आंकड़ों को 29 सितंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टिंग से भी cross-check किया गया है।
MP Cabinet Decision 2026 में अग्निवीरों को कितना आरक्षण मिला?
कैबिनेट ने पांच वर्दीधारी सेवाओं की संबंधित भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का निर्णय लिया है।
कक्षा 1 से 8 के विद्यार्थियों को गणवेश के लिए कितनी राशि मिलेगी?
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गणवेश सहायता के रूप में ₹600 की राशि DBT के माध्यम से विद्यार्थियों या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में देने की व्यवस्था को मंजूरी दी गई है।
अतिथि शिक्षक योजना कब तक जारी रहेगी?
अतिथि शिक्षकों के मानदेय से संबंधित योजना को 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए जारी रखने की मंजूरी दी गई है।
सिंगरौली जिला अस्पताल में कितने बिस्तर होंगे?
सिंगरौली जिला अस्पताल की क्षमता 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तर करने के लिए पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
ग्रामीण विकास निधि के लिए कितनी राशि मंजूर हुई?
वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक ग्रामीण विकास निधि की योजना जारी रखने के लिए ₹3,580.22 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।