📢 MP Weather Latest Update – 4 अक्टूबर 2026
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई हो गई है। इस बार मानसून 24 जून को प्रदेश में पहुंचा था और 3 अक्टूबर को इसकी विदाई हुई। मानसून सीजन में प्रदेश में कुल 908.4 मिमी यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम रही।
मध्य प्रदेश में अब MP Weather का मिजाज धीरे-धीरे बदलने लगा है। मानसून की विदाई के बाद अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने और दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। हालांकि, मौसम पूरी तरह शांत नहीं रहेगा। 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 24 जून को मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। करीब 100 दिन सक्रिय रहने के बाद 3 अक्टूबर 2026 को मानसून की प्रदेश से आधिकारिक विदाई हो गई। इसके साथ ही प्रदेश में मानसूनी बारिश का मुख्य दौर समाप्त माना जा रहा है।
हालांकि मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि अक्टूबर में बारिश बिल्कुल नहीं होगी। स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ जिलों में हल्की बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां आगे भी देखने को मिल सकती हैं।
इस बार मध्य प्रदेश में कितनी बारिश हुई?
| जानकारी | आंकड़ा |
|---|---|
| कुल बारिश | 908.4 मिमी |
| इंच में बारिश | लगभग 35.8 इंच |
| सामान्य बारिश | लगभग 949.5 मिमी |
| सामान्य से अंतर | लगभग 4% कम |
| मानसून प्रवेश | 24 जून 2026 |
| मानसून विदाई | 3 अक्टूबर 2026 |
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश का अंतर
इस बार प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम रही। इससे प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून का प्रभाव अलग-अलग देखने को मिला।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा
मानसून सीजन के दौरान मध्य प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य या उससे अधिक बारिश दर्ज की गई। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
दूसरी ओर, प्रदेश के बाकी 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इससे साफ है कि पूरे प्रदेश में बारिश का वितरण समान नहीं रहा।
4 से 6 अक्टूबर तक कैसा रहेगा MP Weather?
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार 4, 5 और 6 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। 4 अक्टूबर को किसी जिले के लिए बारिश की चेतावनी नहीं है। धूप निकलने के कारण दिन के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है और लोगों को गर्मी का अहसास बढ़ सकता है।
🌤️ 4–6 अक्टूबर: मुख्य रूप से शुष्क मौसम और दिन में गर्मी बढ़ने की संभावना।
7 अक्टूबर से इन जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम बदल सकता है। इस दौरान कुछ जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक और आंधी जैसी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
| तारीख | संभावित मौसम |
|---|---|
| 4 अक्टूबर | मौसम शुष्क, बारिश की संभावना नहीं |
| 5 अक्टूबर | मुख्य रूप से शुष्क मौसम |
| 6 अक्टूबर | मौसम में बदलाव की संभावना |
| 7 अक्टूबर | कुछ जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना |
| 8–9 अक्टूबर | कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी रह सकती है |
7 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश हो सकती है?
उपलब्ध ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर को पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश की संभावना बताई गई है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवा भी चल सकती है।
⚠️ जरूरी सावधानी: गरज-चमक या आंधी के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें। स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनी को प्राथमिकता दें, क्योंकि जिलेवार पूर्वानुमान में बदलाव हो सकता है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मौसम अपडेट?
मानसून की विदाई के बाद मौसम का शुष्क होना खेती और फसलों के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं जिन क्षेत्रों में अक्टूबर के पहले सप्ताह में बारिश की संभावना है, वहां किसानों को फसल की स्थिति और स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए। विशेष रूप से कटाई, भंडारण और खेत से उपज निकालने जैसे काम मौसम को देखते हुए करना बेहतर रहेगा।
MP Weather पर नजर क्यों रखें?
मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में मौसम तेजी से बदल सकता है। दिन में तापमान बढ़ने के साथ सुबह और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है। वहीं स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण कुछ जिलों में अचानक गरज-चमक या बारिश भी हो सकती है। इसलिए अगले कुछ दिनों के लिए जिलेवार मौसम अपडेट देखना उपयोगी रहेगा।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में 3 अक्टूबर 2026 को मानसून की आधिकारिक विदाई हो चुकी है। इस बार प्रदेश में 908.4 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम रही। अब 4 से 6 अक्टूबर तक ज्यादातर हिस्सों में मौसम शुष्क और गर्म रहने की संभावना है, जबकि 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम से जुड़ी किसी भी जरूरी गतिविधि के लिए स्थानीय IMD अपडेट पर नजर रखना सबसे बेहतर रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मध्य प्रदेश से मानसून कब विदा हुआ?
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की आधिकारिक विदाई 3 अक्टूबर 2026 को हुई।
4 अक्टूबर को मध्य प्रदेश में बारिश होगी?
4 अक्टूबर को प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है और बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है।
मध्य प्रदेश में फिर बारिश कब हो सकती है?
ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 7 अक्टूबर से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश की संभावना है।
7 अक्टूबर को किन जिलों में बारिश की संभावना है?
पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में बारिश की संभावना बताई गई है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम केंद्र भोपाल तथा उपलब्ध ताजा मौसम रिपोर्ट। मौसम पूर्वानुमान परिस्थितियों के अनुसार बदल सकता है।