पर्यावरण और दिवाली 2026
ग्रीन दिवाली अभियान 2026: 8 नवंबर तक चलेगा देशव्यापी अभियान, जानें नागरिक क्या करें
भारत में स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल दिवाली मनाने के लिए WWF-India के EIACP Programme Centre ने केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय के समर्थन से ग्रीन दिवाली अभियान शुरू किया है। अभियान का उद्देश्य लोगों को पटाखों से बचने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आदतें अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
ग्रीन दिवाली अभियान 2026: दिवाली रोशनी, खुशियों और आपसी मेल-मिलाप का त्योहार है। त्योहार के दौरान स्वच्छता और पर्यावरण का ध्यान रखने के लिए एक देशव्यापी जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की 20 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, यह अभियान 20 अक्टूबर से 8 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत नागरिकों से पटाखों से बचने, दीये और ऊर्जा-कुशल लाइटों का उपयोग करने, एकल-उपयोग प्लास्टिक कम करने और कचरे को अलग-अलग रखने की अपील की गई है।
यह अभियान Mission LiFE (Lifestyle for Environment) की भावना के अनुरूप है। इसका संदेश है कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि परिवार, स्कूल, कॉलेज, आवासीय समितियों और स्थानीय समुदायों की भागीदारी से भी सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
ग्रीन दिवाली अभियान 2026: मुख्य जानकारी
| अभियान का नाम | ग्रीन दिवाली अभियान 2026 |
| शुरुआत | 20 अक्टूबर 2026 |
| अभियान की अंतिम तारीख | 8 नवंबर 2026 |
| आयोजक | WWF-India का Programme Centre – Resource Partner (PC-RP) |
| समर्थन | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार |
| विशेष फोकस | राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत आने वाले 130 शहर |
| मुख्य उद्देश्य | पटाखों से बचने और स्वच्छ, पर्यावरण-अनुकूल दिवाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना |
ग्रीन दिवाली अभियान का उद्देश्य क्या है?
त्योहारों के समय पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाने के बारे में लोगों को जागरूक करना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। पटाखों से निकलने वाला धुआँ और कण हवा की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। तेज आवाज वाले पटाखे छोटे बच्चों, बुजुर्गों, पालतू जानवरों और ध्वनि के प्रति संवेदनशील लोगों के लिए भी परेशानी पैदा कर सकते हैं। इसलिए अभियान नागरिकों को कम प्रदूषण वाले और जिम्मेदार उत्सव के विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।
अभियान स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) और स्थानीय समुदायों तक पहुंचने पर जोर देता है। आधिकारिक विज्ञप्ति में NCAP के तहत शामिल 130 शहरों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अभियान केवल उन्हीं शहरों तक सीमित है; इसे देशव्यापी अभियान के रूप में घोषित किया गया है।
नागरिक ग्रीन दिवाली कैसे मना सकते हैं?
अभियान में लोगों को कुछ आसान और उपयोगी कदम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। परिवार अपनी सुविधा के अनुसार इन सुझावों को दैनिक जीवन में शामिल कर सकते हैं।
स्वच्छ और शांतिपूर्ण उत्सव को प्राथमिकता दें। परिवार और पड़ोसियों को भी पर्यावरण-अनुकूल दिवाली मनाने के लिए प्रेरित करें।
घर की सजावट के लिए दीयों और ऊर्जा-कुशल रोशनी का उपयोग करें। बिजली की बचत के लिए जरूरत न होने पर लाइटें बंद रखें।
सजावट, उपहार और खरीदारी में अनावश्यक प्लास्टिक पैकेजिंग से बचें। जहां संभव हो, दोबारा उपयोग होने वाली या कम कचरा पैदा करने वाली सामग्री चुनें।
गीले और सूखे कचरे को अलग रखें। सजावट की सामग्री और पैकेजिंग को जिम्मेदारी से निपटाएं तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फैलाएं।
स्थानीय कारीगरों और दुकानदारों से दीये, सजावट तथा उपहार खरीदने पर विचार करें। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सकता है।
स्कूल, कॉलेज और स्थानीय समुदाय क्या कर सकते हैं?
अभियान में शैक्षणिक संस्थानों और सामुदायिक समूहों को जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इनमें स्कूल की प्रार्थना सभा, कक्षा में जागरूकता कार्यक्रम, रैली और सामुदायिक बैठक के दौरान ग्रीन दिवाली संकल्प दिलाना शामिल हो सकता है।
संस्थाएं अपनी गतिविधि की योजना बनाते समय इन बातों पर ध्यान दे सकती हैं:
- विद्यार्थियों और परिवारों को पर्यावरण-अनुकूल उत्सव के बारे में जानकारी देना।
- पटाखों से बचने और कचरा कम करने का सामूहिक संकल्प लेना।
- दीये, ऊर्जा-कुशल लाइटें और स्थानीय उत्पाद अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना।
- कार्यक्रम के बाद स्थान की सफाई और कचरे के उचित निपटान की व्यवस्था करना।
ग्रीन दिवाली प्रतिज्ञा और कार्बन फुटप्रिंट सर्वे क्या है?
PIB की आधिकारिक विज्ञप्ति में नागरिकों को ग्रीन दिवाली प्रतिज्ञा लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। इसका मुख्य संदेश पटाखों से बचना, परिवार और पड़ोसियों को प्रेरित करना तथा पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाना है।
नागरिक WWF-India के कार्बन फुटप्रिंट सर्वे में भी भाग ले सकते हैं। इस सर्वे का उद्देश्य लोगों को यह समझने में मदद करना है कि उनकी दैनिक गतिविधियां और उपभोग पर्यावरण पर किस प्रकार प्रभाव डालते हैं तथा अधिक टिकाऊ आदतें कैसे अपनाई जा सकती हैं।
आधिकारिक लिंक और उपयोगी संसाधन
1. PIB की मूल सरकारी विज्ञप्ति:
ग्रीन दिवाली अभियान 2026 की आधिकारिक जानकारी पढ़ें
2. WWF-India का कार्बन फुटप्रिंट सर्वे:
कार्बन फुटप्रिंट सर्वे खोलें
3. अभियान गतिविधियों की जानकारी साझा करने का फॉर्म:
आधिकारिक गतिविधि रिपोर्टिंग फॉर्म खोलें
ध्यान दें: किसी ऑनलाइन फॉर्म में जानकारी देने से पहले उसका उद्देश्य और मांगी गई जानकारी पढ़ लें।
क्या ग्रीन दिवाली अभियान के तहत पटाखों पर प्रतिबंध लगा है?
PIB की 20 अक्टूबर 2026 की इस विज्ञप्ति में नागरिकों से पटाखों से बचने और पटाखा-मुक्त दिवाली मनाने की अपील की गई है। इस विज्ञप्ति में पूरे देश के लिए पटाखों पर कोई नया प्रतिबंध घोषित नहीं किया गया है। किसी विशेष शहर या राज्य में पटाखों के उपयोग, बिक्री, समय या अन्य नियमों की जानकारी के लिए संबंधित राज्य सरकार, जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण के ताजा आदेश देखें।
निष्कर्ष
ग्रीन दिवाली अभियान 2026 लोगों को त्योहार की खुशियों के साथ पर्यावरण की जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित करता है। 20 अक्टूबर से 8 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में नागरिक पटाखों से बचने, ऊर्जा-कुशल रोशनी अपनाने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने, कचरा अलग रखने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने जैसे कदम उठा सकते हैं। सही जानकारी के लिए PIB की मूल विज्ञप्ति और संबंधित आधिकारिक संसाधनों को देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
ग्रीन दिवाली अभियान 2026 कब से कब तक चलेगा?
PIB की विज्ञप्ति के अनुसार अभियान 20 अक्टूबर 2026 से 8 नवंबर 2026 तक चलेगा।
ग्रीन दिवाली अभियान किसने शुरू किया?
WWF-India के Programme Centre – Resource Partner ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के समर्थन से यह अभियान शुरू किया है।
अभियान में किन शहरों पर विशेष ध्यान दिया गया है?
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के अंतर्गत आने वाले 130 शहरों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है। अभियान देशव्यापी है।
ग्रीन दिवाली मनाने के लिए क्या करना चाहिए?
पटाखों से बचें, दीये और ऊर्जा-कुशल लाइटें अपनाएं, एकल-उपयोग प्लास्टिक कम करें, कचरे को अलग रखें और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें।
क्या इस अभियान से देशभर में पटाखों पर प्रतिबंध लग गया है?
नहीं। इस PIB विज्ञप्ति में पटाखों से बचने की अपील है, देशव्यापी नया प्रतिबंध घोषित नहीं किया गया। स्थानीय नियमों के लिए संबंधित प्रशासन के आदेश देखें।
कार्बन फुटप्रिंट सर्वे का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य दैनिक गतिविधियों और उपभोग के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने तथा अधिक टिकाऊ आदतें पहचानने में मदद करना है।
स्रोत: प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB), भारत सरकार — 20 अक्टूबर 2026 की आधिकारिक विज्ञप्ति। प्रकाशित करने से पहले मूल सरकारी लिंक पर उपलब्ध विवरण दोबारा देख लें।