Digi Yatra का अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ट्रायल शुरू, राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ जारी; जानें मध्य प्रदेश को कितना मिला

अपडेट: 1 नवंबर 2026 | विशेष जानकारी

केंद्र सरकार की ओर से 1 नवंबर 2026 को जारी दो महत्वपूर्ण सरकारी जानकारियाँ आम नागरिकों, हवाई यात्रियों और राज्यों के लिए उपयोगी हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सात भारतीय हवाई अड्डों पर अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए Digi Yatra सुविधा का ट्रायल शुरू किया है। वहीं, वित्त मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार ने 31 अक्टूबर को राज्यों को कर-वितरण की अतिरिक्त किस्त के रूप में ₹1,09,019 करोड़ जारी किए हैं।

इन दोनों घोषणाओं का उद्देश्य अलग-अलग है। Digi Yatra के माध्यम से पात्र यात्रियों को हवाई अड्डे पर डिजिटल पहचान के जरिए कुछ प्रक्रियाओं में सुविधा देने का परीक्षण किया जा रहा है। दूसरी ओर, कर-वितरण की राशि राज्यों को उनके विकास, पूंजीगत और कल्याणकारी खर्चों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इस लेख में जानिए Digi Yatra ट्रायल में कौन शामिल हो सकता है, किन हवाई अड्डों पर सुविधा मिलेगी, इसका उपयोग कैसे होगा और ₹1,09,019 करोड़ में मध्य प्रदेश सहित प्रत्येक राज्य को कितनी राशि मिली है।

इस रिपोर्ट की मुख्य बातें
  • अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए Digi Yatra ट्रायल नवंबर से दिसंबर 2026 तक चलेगा।
  • ट्रायल सात हवाई अड्डों पर और चुनिंदा Air India तथा IndiGo अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए है।
  • इस सुविधा के लिए पात्र भारतीय नागरिकों के पास e-passport होना जरूरी है।
  • केंद्र ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर-वितरण किस्त जारी की।
  • मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ और उत्तर प्रदेश को ₹19,208 करोड़ आवंटित हुए।

1. Digi Yatra क्या है और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए क्या नई सुविधा शुरू हुई?

Digi Yatra भारत में हवाई यात्रियों की पहचान और एयरपोर्ट पर प्रवेश की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए विकसित की गई सुविधा है। इसमें यात्री की पहचान सत्यापित करने के लिए डिजिटल माध्यम और चेहरे की पहचान से जुड़ी तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य एयरपोर्ट के निर्धारित स्थानों पर पहचान जाँच की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

अब तक Digi Yatra का उपयोग मुख्य रूप से घरेलू हवाई यात्रा में किया जाता रहा है। 1 नवंबर 2026 को नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घोषणा की कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी इसका परीक्षण सात हवाई अड्डों पर शुरू किया जा रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सुविधा का परीक्षण है, अभी इसे सभी एयरपोर्ट और सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए लागू नहीं किया गया है।

किन सात हवाई अड्डों पर होगा ट्रायल?

PIB की आधिकारिक प्रेस रिलीज़ के अनुसार ट्रायल इन सात हवाई अड्डों पर किया जा रहा है:

क्रमांक हवाई अड्डा शहर
1 इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दिल्ली
2 केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु
3 राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हैदराबाद
4 कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कोच्चि
5 छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मुंबई
6 चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा चेन्नई
7 श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अमृतसर

इन हवाई अड्डों पर निर्धारित टर्मिनल प्रवेश स्थानों, Security Hold Area (SHA) और बोर्डिंग गेट पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है, जहाँ ट्रायल के लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था मौजूद है।

Digi Yatra अंतरराष्ट्रीय ट्रायल में कौन शामिल हो सकता है?

PIB की घोषणा के अनुसार इस ट्रायल में पात्र भारतीय नागरिक शामिल हो सकते हैं, जिनके पास e-passport है। सुविधा चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर उपलब्ध होगी, जिन्हें Air India और IndiGo संचालित कर रही हैं। केवल इन सात हवाई अड्डों पर पहुँचने से हर यात्री को यह सुविधा अपने आप नहीं मिलेगी। उड़ान, यात्री की पात्रता और एयरपोर्ट पर उपलब्ध व्यवस्था भी जरूरी है।

e-passport से Digi Yatra का उपयोग कैसे होगा?

अंतरराष्ट्रीय ट्रायल में भाग लेने के लिए पात्र यात्रियों को Digi Yatra मोबाइल ऐप के माध्यम से e-passport आधारित Verifiable Credential (VC) बनाना होगा। PIB के अनुसार प्रक्रिया में ये चरण शामिल हैं:

  1. Digi Yatra ऐप: मोबाइल में Digi Yatra ऐप के माध्यम से प्रक्रिया शुरू करनी होगी।
  2. पासपोर्ट का MRZ स्कैन: e-passport के Machine Readable Zone (MRZ) को स्कैन करना होगा।
  3. NFC से चिप पढ़ना: NFC सुविधा वाले अनुकूल स्मार्टफोन से e-passport में लगी इलेक्ट्रॉनिक चिप पढ़ी जाएगी।
  4. सेल्फी और सत्यापन: यात्री की सेल्फी लेकर विवरण का सत्यापन किया जाएगा।
  5. डिजिटल क्रेडेंशियल: सत्यापन के बाद Verifiable Credential यात्री के डिवाइस पर मौजूद Digi Yatra वॉलेट में रखा जाएगा।

इसके बाद यात्री निर्धारित ट्रायल टचपॉइंट पर इस डिजिटल क्रेडेंशियल का उपयोग कर सकता है, जहाँ सुविधा सक्रिय हो।

यात्रियों के लिए जरूरी सूचना: Digi Yatra की यह सुविधा पासपोर्ट, वीजा, एयरलाइन दस्तावेज जाँच या इमिग्रेशन प्रक्रिया का विकल्प नहीं है। यात्रियों को अपने यात्रा दस्तावेज साथ रखने होंगे और सभी अनिवार्य एयरलाइन तथा इमिग्रेशन औपचारिकताएँ पूरी करनी होंगी।

Digi Yatra का ट्रायल कब तक चलेगा?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए यह ट्रायल नवंबर से दिसंबर 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान यात्रियों से फीडबैक लिया जाएगा। इस अनुभव के आधार पर वर्ष 2027 में सुविधा का व्यापक विस्तार करने की योजना पर विचार किया जाएगा। इसका अर्थ है कि 2027 का विस्तार ट्रायल के नतीजों और आगे की योजना पर निर्भर करेगा।

Digi Yatra के कितने उपयोगकर्ता हैं?

1 नवंबर 2026 की PIB रिलीज़ के अनुसार Digi Yatra प्लेटफॉर्म के 2.65 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और घरेलू एयरलाइनों की सेवा देने वाले 39 घरेलू हवाई अड्डों पर इसके माध्यम से 11 करोड़ से अधिक यात्राएँ सक्षम की जा चुकी हैं। मंत्रालय ने 2027 तक 25 और घरेलू हवाई अड्डों को शामिल करने की योजना भी बताई है। ये आँकड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रायल के आँकड़े नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म के घरेलू उपयोग से संबंधित हैं।

आधिकारिक स्रोत: PIB – Digi Yatra Begins International Passenger Trials at Seven Airports, 1 नवंबर 2026

2. केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त राशि जारी की

वित्त मंत्रालय की 31 अक्टूबर 2026 की प्रेस रिलीज़ के अनुसार केंद्र सरकार ने राज्यों को कर-वितरण की अतिरिक्त किस्त के रूप में कुल ₹1,09,019 करोड़ जारी किए हैं। यह राशि राज्यों को मिलने वाले नियमित मासिक कर हस्तांतरण के अतिरिक्त है। वित्त वर्ष 2026-27 में यह दूसरी अतिरिक्त किस्त बताई गई है।

केंद्र सरकार ने यह राशि आगामी त्योहारों के मौसम को देखते हुए और राज्यों को पूंजीगत खर्च, विकास तथा कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित खर्चों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जारी की है।

₹1,09,019 करोड़ में मध्य प्रदेश को कितनी राशि मिली?

PIB की राज्यवार सूची के अनुसार मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ मिले हैं। यह राज्यों को जारी की गई अतिरिक्त कर-वितरण किस्त का हिस्सा है। इस राशि को मध्य प्रदेश सरकार के लिए उपलब्ध कराए गए कर-वितरण के रूप में समझना चाहिए, न कि प्रत्येक नागरिक के बैंक खाते में सीधे मिलने वाली राशि के रूप में।

मध्य प्रदेश के लिए जारी राशि

₹8,010 करोड़

31 अक्टूबर 2026 की अतिरिक्त कर-वितरण किस्त

सभी राज्यों को कितनी राशि मिली? पूरी राज्यवार सूची

वित्त मंत्रालय की PIB प्रेस रिलीज़ में 28 राज्यों के लिए जारी राशि का विवरण दिया गया है। नीचे सभी राज्यों की सूची करोड़ रुपये में दी गई है।

राज्य राशि (₹ करोड़)
आंध्र प्रदेश 4,597
अरुणाचल प्रदेश 1,476
असम 3,552
बिहार 10,845
छत्तीसगढ़ 3,602
गोवा 398
गुजरात 4,094
हरियाणा 1,484
हिमाचल प्रदेश 996
झारखंड 3,660
कर्नाटक 4,504
केरलम 2,597
मध्य प्रदेश 8,010
महाराष्ट्र 7,022
मणिपुर 682
मेघालय 688
मिजोरम 615
नागालैंड 524
ओडिशा 4,819
पंजाब 2,176
राजस्थान 6,460
सिक्किम 365
तमिलनाडु 4,466
तेलंगाना 2,370
त्रिपुरा 699
उत्तर प्रदेश 19,208
उत्तराखंड 1,244
पश्चिम बंगाल 7,866

कुल अतिरिक्त कर-वितरण: ₹1,09,019 करोड़

आधिकारिक स्रोत: PIB – Union Government releases tax devolution of ₹1,09,019 crore to State Governments, 31 अक्टूबर 2026

3. राज्यों को मिलने वाला कर-वितरण क्या होता है?

भारत में केंद्र सरकार कुछ केंद्रीय करों से प्राप्त शुद्ध राजस्व का निर्धारित हिस्सा राज्यों के साथ साझा करती है। इसे कर-वितरण या Tax Devolution कहा जाता है। यह व्यवस्था संविधान और वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर संचालित होती है।

इसका उद्देश्य राज्यों को अपने प्रशासन, सार्वजनिक सेवाओं, विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है। राज्यों को मिलने वाली राशि का उपयोग उनके बजट और निर्धारित वित्तीय प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाता है।

क्या ₹1,09,019 करोड़ नई सरकारी योजना का पैसा है?

नहीं। यह किसी नई व्यक्तिगत लाभ योजना या नागरिकों के बैंक खातों में सीधे भेजी जाने वाली राशि नहीं है। यह केंद्र सरकार की ओर से राज्यों को दिया गया अतिरिक्त कर-वितरण है। PIB के अनुसार यह नियमित मासिक कर-वितरण के अतिरिक्त जारी किया गया दूसरा अतिरिक्त किस्त भुगतान है।

क्या मध्य प्रदेश के नागरिकों को सीधे ₹8,010 करोड़ मिलेंगे?

नहीं। ₹8,010 करोड़ मध्य प्रदेश सरकार को जारी कर-वितरण की राशि है। इसका अर्थ यह नहीं है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक को कोई निश्चित रकम मिलेगी। राज्य सरकार अपने बजट, योजनाओं और विकास संबंधी प्राथमिकताओं के अनुसार उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग करती है। किसी विशेष योजना में लाभ मिलने की जानकारी संबंधित विभाग की आधिकारिक घोषणा से ही तय होगी।

4. दोनों सरकारी घोषणाओं का आम लोगों के लिए क्या महत्व है?

दोनों घोषणाएँ अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं, लेकिन इनका संबंध सार्वजनिक सेवाओं और नागरिकों की सुविधा से है। Digi Yatra का ट्रायल हवाई यात्रा में डिजिटल पहचान के उपयोग का विस्तार करने की दिशा में एक कदम है। इससे पात्र अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को निर्धारित एयरपोर्ट टचपॉइंट पर पहचान सत्यापन में सुविधा मिल सकती है।

वहीं, राज्यों को अतिरिक्त कर-वितरण मिलने से राज्य सरकारों को पूंजीगत खर्च, विकास कार्यों और कल्याणकारी व्यय के लिए वित्तीय संसाधन मिलते हैं। हालांकि किसी सड़क, अस्पताल, स्कूल या योजना के लिए कितनी राशि खर्च होगी, यह संबंधित राज्य के बजट और विभागीय निर्णयों पर निर्भर करेगा।

5. यात्रियों और नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियाँ

Digi Yatra इस्तेमाल करने वाले यात्रियों के लिए

  • केवल आधिकारिक Digi Yatra ऐप का उपयोग करें।
  • e-passport और मोबाइल की NFC सुविधा की उपलब्धता जाँचें।
  • ट्रायल में अपनी उड़ान और एयरपोर्ट की पात्रता एयरलाइन से पहले सुनिश्चित करें।
  • पासपोर्ट, वीजा, टिकट और अन्य यात्रा दस्तावेज साथ रखें।
  • किसी अनजान व्यक्ति को पासपोर्ट विवरण, OTP या ऐप का एक्सेस न दें।
  • डिजिटल सुविधा को इमिग्रेशन या एयरलाइन की अनिवार्य जाँच का विकल्प न समझें।

सरकारी धनराशि से जुड़ी खबरें पढ़ते समय

  • केंद्र से राज्यों को मिलने वाली राशि को व्यक्तिगत लाभ न समझें।
  • किसी योजना में पैसा मिलने का दावा हो तो संबंधित विभाग की अधिसूचना जाँचें।
  • सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी भुगतान या आवेदन लिंक पर बिना सत्यापन क्लिक न करें।
  • राज्यवार राशि और तारीख की पुष्टि PIB या वित्त मंत्रालय की मूल प्रेस रिलीज़ से करें।

निष्कर्ष

1 नवंबर 2026 की Digi Yatra घोषणा और 31 अक्टूबर की कर-वितरण घोषणा दो अलग-अलग क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सरकारी अपडेट हैं। Digi Yatra के अंतरराष्ट्रीय ट्रायल में e-passport रखने वाले पात्र भारतीय नागरिक चुनिंदा Air India और IndiGo उड़ानों के दौरान सात हवाई अड्डों पर निर्धारित डिजिटल पहचान सुविधा का उपयोग कर सकेंगे। यह ट्रायल नवंबर-दिसंबर 2026 में चलेगा और इसके अनुभव के आधार पर 2027 में विस्तार की योजना बनाई जाएगी।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त कर-वितरण किस्त जारी की है। इसमें मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़ और उत्तर प्रदेश को ₹19,208 करोड़ मिले हैं। यह राशि राज्य सरकारों के वित्तीय संसाधनों का हिस्सा है, न कि नागरिकों को सीधे मिलने वाला भुगतान।

पाठकों को सलाह है कि हवाई यात्रा से पहले अपनी पात्रता एयरलाइन से जाँचें और सरकारी धनराशि से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक PIB तथा संबंधित विभागों की अधिसूचनाओं पर भरोसा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. Digi Yatra का अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए ट्रायल कब शुरू हुआ?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 1 नवंबर 2026 की PIB घोषणा के अनुसार ट्रायल नवंबर 2026 में शुरू हुआ है और नवंबर से दिसंबर 2026 तक निर्धारित है।

2. Digi Yatra अंतरराष्ट्रीय ट्रायल किन हवाई अड्डों पर होगा?

दिल्ली, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोच्चि, मुंबई, चेन्नई और अमृतसर के सात हवाई अड्डों पर ट्रायल किया जा रहा है।

3. क्या सभी अंतरराष्ट्रीय यात्री Digi Yatra का उपयोग कर सकते हैं?

नहीं। PIB के अनुसार ट्रायल पात्र भारतीय नागरिकों के लिए है, जिनके पास e-passport है। यह चुनिंदा Air India और IndiGo अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर और निर्धारित एयरपोर्ट टचपॉइंट पर उपलब्ध होगा।

4. क्या Digi Yatra से इमिग्रेशन और पासपोर्ट जाँच की जरूरत खत्म हो जाएगी?

नहीं। Digi Yatra की सुविधा मौजूदा यात्रा प्रक्रिया की पूरक है। यात्रियों को पासपोर्ट, वीजा, एयरलाइन दस्तावेज जाँच और सभी अनिवार्य इमिग्रेशन प्रक्रियाएँ पूरी करनी होंगी।

5. केंद्र सरकार ने राज्यों को ₹1,09,019 करोड़ कब जारी किए?

वित्त मंत्रालय की PIB प्रेस रिलीज़ के अनुसार यह अतिरिक्त कर-वितरण किस्त 31 अक्टूबर 2026 को जारी की गई।

6. मध्य प्रदेश को कितने रुपये मिले हैं?

राज्यवार सूची के अनुसार मध्य प्रदेश को इस अतिरिक्त किस्त में ₹8,010 करोड़ जारी किए गए हैं।

7. क्या ₹1,09,019 करोड़ आम लोगों के बैंक खातों में आएँगे?

नहीं। यह राशि राज्यों को कर-वितरण के रूप में जारी की गई है। इसे नागरिकों को सीधे मिलने वाली सहायता या नई सरकारी योजना का भुगतान नहीं समझना चाहिए।

8. क्या 2027 में Digi Yatra सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए शुरू हो जाएगी?

मंत्रालय ने ट्रायल से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर 2027 में व्यापक विस्तार की योजना बनाने की बात कही है। सभी यात्रियों और सभी उड़ानों के लिए शुरू होने की अंतिम तारीख अभी इस घोषणा में तय नहीं की गई है।

संपादकीय नोट: यह लेख 1 नवंबर 2026 तक उपलब्ध नागरिक उड्डयन मंत्रालय और वित्त मंत्रालय की PIB प्रेस रिलीज़ पर आधारित है। ट्रायल की पात्रता, एयरपोर्ट पर उपलब्धता और सरकारी वित्तीय घोषणाओं में आगे बदलाव हो सकता है। पाठक यात्रा से पहले अपनी एयरलाइन तथा संबंधित आधिकारिक विभाग से नवीनतम जानकारी की पुष्टि करें।


आधिकारिक स्रोत और आगे की जानकारी:

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