गणेश विसर्जन 2026: मुंबई से हैदराबाद तक गूंजा ‘गणपति बप्पा मोरया’
Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी के दौरान देशभर में स्थापित किए गए भगवान गणेश की प्रतिमाओं को अब श्रद्धा और भक्ति के साथ विदाई दी जा रही है। वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को है और इसी दिन देश के कई प्रमुख शहरों में गणेश प्रतिमाओं के बड़े विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हालांकि अलग-अलग मंडलों और परिवारों में प्रतिमा स्थापना की अवधि के अनुसार विसर्जन पहले भी किया जाता है।
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नासिक और नागपुर से लेकर तेलंगाना के हैदराबाद तथा देश के अन्य बड़े शहरों तक गणेश विसर्जन के दौरान शोभायात्राएं, ढोल-ताशे, भजन, आरती और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिल रही है। प्रशासन की ओर से भीड़ नियंत्रण, यातायात और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
🕉️ अवसर: अनंत चतुर्दशी और मुख्य गणेश विसर्जन
📍 प्रमुख केंद्र: मुंबई, पुणे, हैदराबाद, नागपुर, नासिक सहित देश के कई शहर
मुंबई में लालबागचा राजा सहित भव्य विसर्जन यात्रा
मुंबई में गणेशोत्सव का समापन हर वर्ष की तरह बेहद भव्य तरीके से हो रहा है। लालबागचा राजा सहित कई प्रसिद्ध गणेश मंडलों की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़कों पर पहुंच रहे हैं। मुंबई में समुद्र और निर्धारित विसर्जन स्थलों की ओर जाने वाली शोभायात्राओं को देखते हुए पुलिस, नगर प्रशासन और रेलवे ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर मुंबई में भीड़ को देखते हुए सेंट्रल रेलवे ने 25 और 26 सितंबर की रात 22 अतिरिक्त लोकल ट्रेनें चलाने की व्यवस्था की है। वहीं पश्चिम रेलवे ने भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए चार्नी रोड स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव में अस्थायी बदलाव किए हैं।
मुंबई में गणपति विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
पुणे में पांच मानाचे गणपति की पारंपरिक शोभायात्रा
पुणे का गणेश विसर्जन अपनी ऐतिहासिक और पारंपरिक शोभायात्रा के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। यहां पांच मानाचे गणपति की परंपरा के साथ मुख्य विसर्जन जुलूस शुरू होता है। इनमें श्री कसबा गणपति, तांबडी जोगेश्वरी, गुरुजी तालीम, तुलशीबाग और केसरीवाड़ा गणपति शामिल हैं।
25 सितंबर 2026 को पहले मानाचे गणपति श्री कसबा गणपति की पूजा के बाद मुख्य शोभायात्रा शुरू हुई। इसके बाद अन्य मानाचे गणपति और सैकड़ों गणेश मंडल अलग-अलग प्रमुख मार्गों से विसर्जन यात्रा में शामिल हुए।
इस वर्ष पुणे में 600 से अधिक गणेश मंडलों के मुख्य जुलूस में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। लक्ष्मी रोड, तिलक रोड, केळकर रोड और कुमठेकर रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर विसर्जन जुलूसों के कारण विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है।
पुणे पुलिस ने गणेश विसर्जन के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए 10,000 से अधिक पुलिसकर्मियों तथा बड़ी संख्या में कैमरों और तकनीकी निगरानी की व्यवस्था की है।
हैदराबाद में गणपति विसर्जन का विशाल आयोजन
हैदराबाद में भी गणेश विसर्जन का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा है। 25 सितंबर को हजारों गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने हैदराबाद तथा आसपास के कुछ जिलों में सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों के लिए अवकाश घोषित किया है।
विसर्जन यात्रा और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए हैदराबाद में करीब 30,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती और 10,000 से अधिक CCTV कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है।
हैदराबाद का गणेश विसर्जन विशेष रूप से विशाल जुलूस और बड़ी संख्या में शामिल होने वाली गणेश प्रतिमाओं के कारण देश के प्रमुख गणेश विसर्जन आयोजनों में शामिल है।
नागपुर में हजारों प्रतिमाओं के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था
नागपुर में गणेश विसर्जन कई दिनों तक अलग-अलग चरणों में आयोजित किया जा रहा है। शहर में सार्वजनिक मंडलों के साथ-साथ आवासीय सोसायटियों और घरों में स्थापित गणेश प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया जा रहा है।
नागपुर पुलिस ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा के लिए करीब 5,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, क्विक रिस्पॉन्स टीम, दंगा नियंत्रण दल, महिला पुलिस और होमगार्ड की व्यवस्था की है। गोरेवाड़ा झील, सोनेगांव झील और अन्य निर्धारित विसर्जन स्थलों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
नासिक में 77 विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था
नासिक में अनंत चतुर्दशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश को विदाई दे रहे हैं। नासिक नगर निगम ने गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए कुल 77 विसर्जन स्थलों की व्यवस्था की है, जिनमें गोदावरी नदी और उसकी सहायक नदियों के किनारे 24 प्राकृतिक स्थान तथा 53 कृत्रिम तालाब शामिल हैं।
नगर निगम की ओर से पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए कृत्रिम विसर्जन कुंडों का उपयोग करने तथा प्राकृतिक जलस्रोतों पर दबाव कम करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
दिल्ली, बेंगलुरु, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई में भी गणपति विसर्जन
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में विभिन्न गणेश मंडलों और स्थानीय समितियों द्वारा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित जलाशयों और विसर्जन स्थलों पर व्यवस्था की गई है।
बेंगलुरु: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी विभिन्न क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्राएं और विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मंडलों और प्रशासन द्वारा भीड़ एवं यातायात प्रबंधन किया जा रहा है।
अहमदाबाद: गुजरात में अहमदाबाद सहित कई शहरों में गणेश उत्सव के बाद श्रद्धालु प्रतिमाओं को श्रद्धा के साथ विदाई दे रहे हैं। स्थानीय समितियों द्वारा निर्धारित स्थानों पर विसर्जन की व्यवस्था की गई है।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में गणेश उत्सव का आयोजन महाराष्ट्र की तुलना में अलग स्वरूप में होता है, लेकिन कोलकाता और अन्य शहरों में भी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
चेन्नई: तमिलनाडु में भी विभिन्न सार्वजनिक गणेश मंडलों और स्थानीय समुदायों द्वारा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा रहा है। कई स्थानों पर पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए निर्धारित कृत्रिम या सुरक्षित विसर्जन स्थलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
देशभर में ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे
गणेश विसर्जन केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि कई शहरों में सामाजिक और सांस्कृतिक उत्सव का भी बड़ा हिस्सा बन चुका है। ढोल-ताशे, भजन, आरती और शोभायात्राओं के साथ श्रद्धालु भगवान गणेश को अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ विदाई देते हैं।
बड़े शहरों में भारी भीड़ को देखते हुए लोगों से प्रशासन द्वारा जारी यातायात निर्देशों का पालन करने, निर्धारित विसर्जन स्थलों का उपयोग करने और नदी, तालाब या समुद्र में सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की जाती है।
🌺 निष्कर्ष
गणेश विसर्जन 2026 के अवसर पर मुंबई, पुणे, हैदराबाद, नागपुर और नासिक सहित देश के अनेक शहरों में भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन हो रहे हैं। कहीं पारंपरिक शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र है तो कहीं विशाल गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए विशेष सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की गई है।
गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ। 🙏
गणेश विसर्जन 2026 कब है?
2026 में अनंत चतुर्दशी और मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर, शुक्रवार को है। हालांकि प्रतिमा स्थापना की अवधि के अनुसार कई परिवार और मंडल इससे पहले भी विसर्जन करते हैं।
पुणे में गणेश विसर्जन की क्या खासियत है?
पुणे में पांच मानाचे गणपति की पारंपरिक शोभायात्रा गणेशोत्सव का प्रमुख आकर्षण है। इनके बाद बड़ी संख्या में गणेश मंडल मुख्य विसर्जन मार्गों से गुजरते हैं।
मुंबई में गणेश विसर्जन के दौरान क्या विशेष व्यवस्था है?
मुंबई में भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस, नगर प्रशासन और रेलवे ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। 25 और 26 सितंबर की रात अतिरिक्त लोकल ट्रेनें भी चलाने की व्यवस्था की गई है।
स्रोत: Indian Express, Times of India, Drik Panchang तथा उपलब्ध स्थानीय प्रशासन/रेलवे संबंधी रिपोर्टों के आधार पर जानकारी तैयार की गई है। शहर-विशेष कार्यक्रम और यातायात व्यवस्था स्थानीय प्रशासन के निर्देश के अनुसार बदल सकती है।
मुख्य स्रोत:
- Indian Express — Pune Ganesh Visarjan 2026
- Indian Express — Pune security arrangements
- Indian Express — Mumbai special local trains
- Times of India — Hyderabad arrangements
- Times of India — Nagpur security arrangements
- Times of India — Nashik immersion arrangements
- Drik Panchang — Ganesh Visarjan 2026 date