Rajasthan Fake Currency News: राजस्थान के डूंगरपुर जिले में नकली नोट छापने और उनकी कथित सप्लाई से जुड़े मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत सितंबर 2026 में हुई थी, जब रामसागड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान 500 रुपये के 991 कथित नकली नोट बरामद किए गए थे। इनकी कुल अंकित कीमत 4,95,500 रुपये बताई गई। बाद में जांच का दायरा दूसरे राज्यों तक बढ़ाया गया और 23 अक्टूबर को चार और गिरफ्तारियों की खबर सामने आई।
डूंगरपुर नकली नोट मामला: मुख्य बातें
- स्थान: डूंगरपुर, राजस्थान
- शुरुआती कार्रवाई: 29 सितंबर 2026; शुरुआती गिरफ्तारी की खबर 30 सितंबर को प्रकाशित
- कुल गिरफ्तार आरोपी: 6, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार
- बरामद नोट: 500 रुपये के 991 कथित नकली नोट
- कुल अंकित कीमत: ₹4,95,500
- बाद की गिरफ्तारियों की खबर: 23 अक्टूबर 2026
- जांच: कथित नेटवर्क, सामग्री के स्रोत और नोटों की सप्लाई का पता लगाया जा रहा है
डूंगरपुर में नकली नोट मामले का खुलासा कैसे हुआ?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को रामसागड़ा थाना क्षेत्र के माड़ा स्कूल ग्राउंड के पास कथित नकली नोटों की सप्लाई से संबंधित सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। इस दौरान भावेश खटीक और नयन जोशी को पकड़ा गया। पुलिस ने उनके पास से 500 रुपये के 991 कथित नकली नोट बरामद किए।
पुलिस के अनुसार, नोटों की कुल अंकित कीमत 4 लाख 95 हजार 500 रुपये थी। कार्रवाई के दौरान प्रिंटर, कागज, लेमिनेशन मशीन, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और वाहनों सहित अन्य सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी भी रिपोर्टों में दी गई।
23 अक्टूबर को चार और आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में जांच आगे बढ़ने के बाद डूंगरपुर पुलिस की साइबर सेल और विशेष टीम ने दूसरे राज्यों में कार्रवाई की। 23 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित समाचारों के अनुसार, चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई।
रिपोर्टों में इन चार लोगों की पहचान रवि कुमार मिश्रा उर्फ आशीष मिश्रा, आनंद राजपूत उर्फ पुष्कर, मोहम्मद आरिफ और तरुण मालेकर के रूप में बताई गई है। पुलिस के अनुसार, इनकी कथित भूमिकाएं नेटवर्क के अलग-अलग हिस्सों, जैसे सामग्री की व्यवस्था, डिजिटल फाइल और नोटों की सप्लाई से जुड़ी थीं। इन भूमिकाओं और आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
मुख्य आरोपी को लुधियाना से पकड़ने की जानकारी
समाचार रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मुख्य आरोपी की तलाश में विभिन्न स्थानों पर जांच और कार्रवाई की। पुलिस के हवाले से प्रकाशित खबरों में बताया गया कि रवि कुमार मिश्रा को पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। एक रिपोर्ट में उसकी तलाश के दौरान लगभग 1,300 किलोमीटर तक पीछा करने का उल्लेख है।
पुलिस की जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन शामिल था, नोट तैयार करने के लिए इस्तेमाल सामग्री कहां से आई और जाली मुद्रा को किन स्थानों पर पहुंचाने की योजना थी।
वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित होने का दावा
कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलिस जांच के हवाले से कहा गया है कि गिरोह के कथित सदस्यों में से एक वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरित हुआ था। रिपोर्टों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए सामग्री मंगाने और डिजिटल फाइल उपलब्ध कराए जाने का भी उल्लेख है।
यह जानकारी पुलिस के दावों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। इसे अदालत में सिद्ध निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। मामले में प्रत्येक आरोपी की भूमिका, सामग्री की खरीद और कथित सप्लाई नेटवर्क की पुष्टि जांच से ही होगी।
पुलिस अब किन बातों की जांच कर रही है?
इस मामले में जांच के प्रमुख बिंदु हैं:
- कथित नकली नोटों के निर्माण और सप्लाई में शामिल अन्य लोगों की पहचान।
- जब्त उपकरणों और डिजिटल सामग्री की जांच।
- नोटों को बाजार में पहुंचाने की कथित योजना और संभावित वितरण का पता लगाना।
- आरोपियों के आपसी संपर्कों और अलग-अलग राज्यों में उनके कथित नेटवर्क की जांच।
अब तक कितनी जाली मुद्रा तैयार की गई या बाजार में पहुंचाई गई, इसकी अंतिम पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं होती। इसलिए इस संबंध में कोई निश्चित कुल राशि बताना उचित नहीं होगा।
आम नागरिक नकली नोट की आशंका होने पर क्या करें?
यदि किसी नोट के नकली होने का संदेह हो, तो उसे आगे चलाने की कोशिश न करें। नोट को किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान में देना समस्या पैदा कर सकता है। घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस या संबंधित बैंक को दें और उनके निर्देशों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाएं। नोट की जांच करते समय केवल एक निशान के आधार पर निर्णय न लें; भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक जानकारी देखें।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की आधिकारिक वेबसाइट पर बैंक नोटों और मुद्रा से जुड़ी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मूल समाचार और स्रोत
- ThePrint Hindi / भाषा — 23 अक्टूबर 2026: नकली नोट मामले में चार और गिरफ्तार
- ABP News — 30 सितंबर 2026: डूंगरपुर में शुरुआती कार्रवाई और दो गिरफ्तारियां
- NDTV — 24 अक्टूबर 2026: छह गिरफ्तारियों और जांच का अपडेट
निष्कर्ष
राजस्थान के डूंगरपुर में कथित नकली नोट मामले में शुरुआती बरामदगी के बाद जांच दूसरे राज्यों तक पहुंची और अक्टूबर 2026 में चार और गिरफ्तारियों की खबर सामने आई। कुल छह गिरफ्तारियों के बावजूद कथित नेटवर्क का पूरा दायरा, नोटों का संभावित वितरण और सभी आरोपियों की भूमिका जांच के विषय हैं। इस मामले में आगे की आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।
“`