ताजा अपडेट | 31 अक्टूबर 2026
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में पथ संचलन, हिंदू सम्मेलन, गृह संपर्क अभियान और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं। 31 अक्टूबर को इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में संघ ने इन कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े आंकड़े साझा किए। मध्य प्रदेश के मंडला में भी स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन निकाले जाने की जानकारी सामने आई है।
RSS शताब्दी वर्ष 2026: देशभर में पथ संचलन और सामाजिक कार्यक्रम, मंडला में भी निकली रैली
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर वर्ष 2025 से 2026 तक देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में पथ संचलन, हिंदू सम्मेलन, गृह संपर्क अभियान, युवा सम्मेलन और सामाजिक विषयों पर जनजागरण जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।
संघ की स्थापना वर्ष 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनका उद्देश्य संगठन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपनी गतिविधियों और विचारों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाना था।
31 अक्टूबर 2026 को इंदौर में संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने प्रेस वार्ता में शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों और संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में हजारों सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलन आयोजित होने की जानकारी
RSS की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, शताब्दी वर्ष के दौरान देशभर में कुल 65,660 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए। शहरी क्षेत्रों में ये सम्मेलन बस्ती स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में मंडल स्तर पर आयोजित किए गए।
इन सम्मेलनों में सामाजिक विषयों, आपसी समन्वय, सामाजिक समरसता और समाज की भागीदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। संघ के अनुसार, इन कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी रही।
यह आंकड़ा संघ द्वारा 31 अक्टूबर की प्रेस वार्ता में साझा किया गया है। इसे संगठन की ओर से जारी जानकारी के रूप में समझना चाहिए।
पथ संचलन: अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में निकाली गईं रैलियां
शताब्दी वर्ष के दौरान RSS स्वयंसेवकों ने देश के विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पथ संचलन आयोजित किए। पथ संचलन संघ की एक पारंपरिक सार्वजनिक गतिविधि है, जिसमें स्वयंसेवक निर्धारित मार्गों से अनुशासित समूह में संचलन करते हैं। कई स्थानों पर विजयादशमी उत्सव और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों के साथ भी इसका आयोजन हुआ।
मध्य प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर पथ संचलन और शताब्दी वर्ष से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में 25 अक्टूबर को 345 बस्तियों से पथ संचलन निकाले जाने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी। इसमें इंदौर महानगर के चार जिलों के 34 नगरों और महू ग्रामीण क्षेत्र के मंडलों के स्वयंसेवक शामिल हुए थे।
मंडला में भी 31 अक्टूबर को स्वयंसेवकों द्वारा पथ संचलन निकाले जाने की जानकारी मिली है। इस आयोजन को स्थानीय स्तर पर संघ के शताब्दी वर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। मंडला के कार्यक्रम का प्रारंभिक स्थान, मार्ग और प्रतिभागियों की संख्या जैसी जानकारी स्थानीय पुष्टि के बाद जोड़ी जानी चाहिए।
गृह संपर्क अभियान: घर-घर पहुंचकर लोगों से संवाद
शताब्दी वर्ष के दौरान गृह संपर्क अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में स्वयंसेवकों ने घरों तक पहुंचकर लोगों से संवाद किया और संघ की गतिविधियों, सामाजिक कार्यों तथा शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की जानकारी साझा की।
31 अक्टूबर की प्रेस वार्ता में संघ ने बताया कि इस अभियान में महिलाओं की भी सक्रिय भागीदारी रही। विभिन्न स्थानों पर प्रमुख जन गोष्ठियों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों से संपर्क किया गया।
संघ के अनुसार, इस अभियान के माध्यम से सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संगठनों और अन्य समूहों के साथ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
युवाओं और महिलाओं की भागीदारी पर विशेष जोर
RSS की ओर से दी गई जानकारी में बताया गया कि शताब्दी वर्ष के दौरान युवाओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों, विश्वविद्यालय परिसरों और शहरी क्षेत्रों में सम्मेलन तथा संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें युवा पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया।
इन कार्यक्रमों में युवाओं की आकांक्षाओं, सामाजिक जिम्मेदारियों, शिक्षा, परिवार और देश के भविष्य जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। संघ ने बताया कि इन संवादों से प्राप्त सुझावों को आगे की गतिविधियों की योजना बनाते समय ध्यान में रखा जाएगा।
RSS की देशभर में कितनी शाखाएं हैं? 31 अक्टूबर को जारी आंकड़े
इंदौर में हुई प्रेस वार्ता के दौरान अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने संगठन की शाखाओं और गतिविधियों से संबंधित आंकड़े भी साझा किए। उनके अनुसार:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| प्रतिदिन चलने वाली शाखाएं | 1,01,151 |
| साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों सहित कार्यस्थल | 1,10,849 |
| शताब्दी वर्ष में आयोजित हिंदू सम्मेलन | 65,660 |
| पिछले वर्ष की तुलना में नई दैनिक शाखाओं में वृद्धि | 13,000 से अधिक |
ये आंकड़े RSS द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को साझा किए गए हैं। शाखाओं के अलावा साप्ताहिक मिलन और अन्य गतिविधियों को शामिल करने पर संघ का कार्य लगभग 1,10,849 स्थानों तक पहुंचने की जानकारी दी गई।
शताब्दी वर्ष में पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख विषय
RSS ने शताब्दी वर्ष के दौरान पंच परिवर्तन के पांच विषयों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने की बात कही। इन विषयों को सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
- सामाजिक समरसता: समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच आपसी सद्भाव और सहयोग को बढ़ावा देना।
- पर्यावरण संरक्षण: प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली और संसाधनों का उचित उपयोग।
- कुटुंब प्रबोधन: परिवार में संवाद, संस्कार और आपसी जिम्मेदारियों को मजबूत करना।
- स्वदेशी और स्वबोध: देश की परंपराओं, स्थानीय उत्पादों और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूकता।
- नागरिक कर्तव्य: नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना।
संघ के अनुसार, इन विषयों पर गृह संपर्क, हिंदू सम्मेलनों और विभिन्न सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से चर्चा की गई। आने वाले समय में भी इन विषयों पर कार्यक्रम आगे बढ़ाने की योजना है।
इंदौर में 2 से 4 नवंबर तक RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक
शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा के लिए RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक 2, 3 और 4 नवंबर 2026 को इंदौर में आयोजित होगी। इसकी जानकारी 31 अक्टूबर को इंदौर में हुई प्रेस वार्ता में दी गई।
संघ की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में देशभर से लगभग 408 पदाधिकारियों के शामिल होने की अपेक्षा है। इनमें सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले और विभिन्न क्षेत्रों एवं प्रांतों के पदाधिकारी शामिल होंगे।
बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा, संगठन के विस्तार, संगठनात्मक ढांचे, भविष्य की योजनाओं और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा होगी। युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या पर जागरूकता अभियान चलाने के विषय पर भी विचार किया जाएगा।
4 नवंबर को बैठक के अंतिम दिन सरकार्यवाह की ओर से प्रेस वार्ता कर बैठक में हुई चर्चा और आगे की योजनाओं की जानकारी साझा की जाएगी।
RSS की स्थापना कब हुई थी और 100 वर्ष कैसे पूरे हुए?
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना 1925 में नागपुर में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी। संघ की स्थापना विजयादशमी के दिन हुई थी। वर्ष 2025 की विजयादशमी से संगठन के शताब्दी वर्ष की शुरुआत हुई और 2026 की विजयादशमी तक इसके 100 वर्ष पूरे हुए।
इस अवसर पर संघ ने देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों और सामाजिक संपर्क गतिविधियों का आयोजन किया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से संगठन ने अपने इतिहास, गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं को लोगों के सामने रखा।
निष्कर्ष
RSS के शताब्दी वर्ष के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में पथ संचलन, हिंदू सम्मेलन, गृह संपर्क अभियान और युवा संवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। 31 अक्टूबर 2026 को इंदौर में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 65,660 हिंदू सम्मेलन हुए और दैनिक शाखाओं की संख्या 1,01,151 बताई गई।
मध्य प्रदेश के इंदौर सहित मंडला में भी पथ संचलन की गतिविधियां सामने आई हैं। अब 2 से 4 नवंबर तक इंदौर में होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
महत्वपूर्ण स्रोत और आधिकारिक जानकारी
नोट: संगठन की शाखाओं, सम्मेलनों और कार्यक्रमों के आंकड़े RSS द्वारा जारी जानकारी पर आधारित हैं। मंडला के स्थानीय पथ संचलन के मार्ग, समय, आयोजकों और प्रतिभागियों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध होने पर इस रिपोर्ट में जोड़ी जा सकती है।