दुर्गा पूजा 2026: मां दुर्गा की स्थापना, पंडाल, प्रतिमा, DJ और विसर्जन के नियम क्या हैं?
दुर्गा पूजा 2026 को लेकर देशभर में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इस वर्ष दुर्गा पूजा का मुख्य उत्सव 17 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक रहेगा, जबकि महालया 10 अक्टूबर 2026 को है। हालांकि अलग-अलग राज्यों और शहरों में पंडाल, सार्वजनिक कार्यक्रम, ध्वनि, सड़क उपयोग, अग्नि सुरक्षा और प्रतिमा विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन के अलग नियम लागू हो सकते हैं।
महत्वपूर्ण: पूरे भारत के लिए दुर्गा पूजा 2026 का कोई एक समान राज्यवार अनुमति नियम नहीं है। पूजा समिति को अपने राज्य, नगर निकाय, पुलिस, अग्निशमन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लागू स्थानीय नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। पर्यावरण और मूर्ति विसर्जन के मामले में केंद्रीय दिशा-निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं।
दुर्गा पूजा 2026 की प्रमुख तारीखें
| दिन | तारीख |
|---|---|
| महालया | 10 अक्टूबर 2026 |
| महाषष्ठी | 17 अक्टूबर 2026 |
| महासप्तमी | 18 अक्टूबर 2026 |
| महाअष्टमी | 19 अक्टूबर 2026 |
| महानवमी | 20 अक्टूबर 2026 |
| विजयादशमी | 21 अक्टूबर 2026 |
पश्चिम बंगाल सरकार के 2026 Puja Permission Portal पर भी यही प्रमुख तारीखें दी गई हैं।
आधिकारिक स्रोत: West Bengal SAHAJ Puja Permission Portal 2026
2026 में दुर्गा पूजा स्थापना के लिए क्या अनुमति जरूरी है?
यदि किसी सार्वजनिक स्थान पर दुर्गा पूजा का पंडाल लगाया जा रहा है, तो केवल प्रतिमा स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है। स्थान और आयोजन के अनुसार स्थानीय प्रशासन से अनुमति या NOC की आवश्यकता हो सकती है। इसमें नगर निकाय, पुलिस, अग्निशमन विभाग, बिजली विभाग, भूमि मालिक और प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित अनुमति शामिल हो सकती है।
इसलिए पूजा समिति को अंतिम समय तक इंतजार करने के बजाय अपने जिले या नगर निकाय की 2026 की अधिसूचना और अनुमति प्रक्रिया देखनी चाहिए।
पंडाल लगाने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
- पंडाल के लिए वैध स्थान और आवश्यक अनुमति रखें।
- आपातकालीन निकास और भीड़ के आवागमन का रास्ता खुला रखें।
- अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था स्थानीय नियमों के अनुसार रखें।
- अस्थायी बिजली कनेक्शन और wiring सुरक्षित तरीके से कराएं।
- बिजली के तारों को खुले या असुरक्षित तरीके से न लगाएं।
- पंडाल के आसपास वाहन और एम्बुलेंस के लिए आवश्यक रास्ता बाधित न करें।
- तेज आवाज वाले sound system के लिए स्थानीय अनुमति और noise rules का पालन करें।
मूर्ति कैसी होनी चाहिए?
पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक मिट्टी और पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा को प्राथमिकता देना सुरक्षित विकल्प है। प्रतिमा बनाने और विसर्जन के संबंध में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
केंद्रीय पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों में मूर्ति विसर्जन के लिए स्थानीय निकायों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका निर्धारित की गई है तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने पर जोर दिया गया है।
आधिकारिक स्रोत: Central Pollution Control Board (CPCB)
CPCB Idol Immersion Guidelines
नदियों और तालाबों में सीधे विसर्जन को लेकर महत्वपूर्ण नियम
मूर्ति विसर्जन से नदियों, तालाबों और अन्य जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना इस पूरे विषय का महत्वपूर्ण हिस्सा है। National Mission for Clean Ganga (NMCG) की दिशा-निर्देश सूची में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए धार्मिक प्रतिमाओं और पूजा सामग्री को नदियों तथा अन्य जल निकायों में विसर्जित करने से संबंधित निर्देश दर्ज हैं।
इसलिए पूजा समितियों को अपने जिले में प्रशासन द्वारा निर्धारित immersion site का उपयोग करना चाहिए और स्थानीय आदेश की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।
आधिकारिक स्रोत: National Mission for Clean Ganga — Directions
राज्यवार दुर्गा पूजा 2026 के महत्वपूर्ण नियम और तैयारियां
1. पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में 2026 के लिए सबसे स्पष्ट सरकारी व्यवस्था SAHAJ Puja Permission Portal के रूप में उपलब्ध है। पंजीकृत पूजा समितियां ऑनलाइन आवेदन करके आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। पोर्टल पर पिछले वर्ष की अनुमति, Land NOC, Electricity Bill, Electrician Declaration, Decorator Declaration, Site Plan और Safety Declaration जैसे दस्तावेजों की जानकारी दी गई है।
2026 में पश्चिम बंगाल में पूजा आयोजनों को लेकर कुछ विशेष बदलाव भी घोषित किए गए हैं। महाअष्टमी पर शराब की बिक्री बंद रखने और पूजा/विसर्जन गतिविधियों में DJ संगीत पर रोक जैसी घोषणाएं की गई हैं। ये नियम पश्चिम बंगाल के लिए हैं, पूरे भारत के लिए नहीं।
West Bengal Government — SAHAJ Puja Permission Portal
SAHAJ Portal — Official Terms & Conditions
2. झारखंड
झारखंड में 2026 की दुर्गा पूजा से पहले पर्यावरण-अनुकूल प्रतिमा और विसर्जन को लेकर दिशा-निर्देश सामने आए हैं। स्थानीय निकायों को immersion sites की सफाई और विसर्जन के बाद बचे हुए पदार्थों को हटाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पूजा सामग्री, कपड़े और सजावट का कचरा नदी, तालाब या झील के किनारे छोड़ने से बचने पर भी जोर है।
इसलिए झारखंड में पूजा समितियों को स्थानीय प्रशासन और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
3. सिक्किम
सिक्किम State Pollution Control Board की वेबसाइट पर Sikkim Idol Immersion Rules, 2019 तथा उनके compliance से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। 2026 में भी बोर्ड ने पूजा समारोह और idol immersion के लिए पर्यावरणीय सुरक्षा दिशा-निर्देशों के पालन की सूचना जारी की है।
Sikkim SPCB — Idol Immersion / Waste Management
4. महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में प्रतिमा विसर्जन के लिए Maharashtra Pollution Control Board (MPCB) के दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण हैं। MPCB की वेबसाइट पर CPCB Idol Immersion Guidelines के साथ महाराष्ट्र सरकार के POP idols और immersion से संबंधित दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं।
महाराष्ट्र में पूजा समितियों को अपने नगर निगम, नगरपालिका, पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित विसर्जन व्यवस्था की जानकारी भी लेनी चाहिए।
MPCB — Water Quality & Idol Immersion Information
5. ओडिशा
Odisha State Pollution Control Board की वेबसाइट पर Revised Guidelines for Idol Immersion उपलब्ध हैं। ओडिशा में जुलूस और immersion procession के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया भी उपलब्ध है। Bhubaneswar-Cuttack Police Commissionerate के e-Abedan portal पर procession/immersion procession के लिए आवेदन की प्रक्रिया दी गई है।
इस प्रक्रिया में कार्यक्रम की तारीख, समय, मार्ग, प्रतिभागियों की संख्या, loudspeaker से संबंधित जानकारी और temporary immersion pond जैसी जानकारी मांगी जा सकती है। पोर्टल पर DJ sound की अनुमति न होने और निर्धारित sound limit की जानकारी भी दी गई है।
Odisha SPCB — Idol Immersion Guidelines
Odisha Police — Procession / Immersion Permission
6. असम
असम में स्थानीय प्रशासन द्वारा immersion sites को अधिसूचित किया जा सकता है। सरकारी पोर्टल पर immersion site guidelines और जिला स्तर पर Durga Puja से संबंधित notifications उपलब्ध होते हैं। इसलिए पूजा समिति को अपने जिले की 2026 notification और निर्धारित immersion site की जानकारी अवश्य देखनी चाहिए।
Assam Government — Immersion Site Guideline
7. दिल्ली
दिल्ली में Yamuna और अन्य जल स्रोतों के पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष सावधानी जरूरी है। Delhi Pollution Control Committee द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में Yamuna में idol immersion को लेकर प्रतिबंध और eco-friendly earthen idols के उपयोग से संबंधित निर्देश दर्ज हैं।
इसलिए दिल्ली में प्रतिमा विसर्जन के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन करना चाहिए और Yamuna में मनमाने तरीके से विसर्जन नहीं करना चाहिए।
8. बिहार
बिहार में स्थानीय नगर निकाय immersion sites की तैयारी और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था कर रहे हैं। पटना में 2026 के लिए immersion sites की सफाई, barricading, crowd management, पानी की व्यवस्था और आवश्यक equipment की तैयारी की जा रही है।
इसका मतलब है कि पूजा समितियों को स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित immersion location और route का पालन करना चाहिए।
9. मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में पंडाल, सार्वजनिक कार्यक्रम, जुलूस और विसर्जन के लिए स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय और पुलिस के निर्देश महत्वपूर्ण रहेंगे। विशेष रूप से सार्वजनिक मार्ग, ध्वनि, सुरक्षा और immersion site से संबंधित स्थानीय आदेशों की जांच करनी चाहिए।
10. उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में दुर्गा पूजा के दौरान जिला प्रशासन और स्थानीय निकाय द्वारा पंडाल, जुलूस, ध्वनि व्यवस्था और विसर्जन स्थलों से संबंधित निर्देश जारी किए जा सकते हैं। Ganga basin में आने वाले क्षेत्रों में जल निकायों और धार्मिक सामग्री के विसर्जन से संबंधित केंद्रीय पर्यावरणीय निर्देश भी महत्वपूर्ण हैं।
बाकी राज्यों के लिए क्या नियम मानें?
आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, छत्तीसगढ़, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों में भी स्थानीय स्तर पर पूजा, पंडाल, sound system, procession और immersion से जुड़े आदेश लागू हो सकते हैं।
इन राज्यों के लिए बिना स्थानीय 2026 notification देखे कोई एक राज्यव्यापी नया नियम बताना सही नहीं होगा। इसलिए पूजा समिति को अपने जिला प्रशासन, नगर निगम/नगरपालिका, पुलिस और State Pollution Control Board की 2026 सूचना को अंतिम आधार मानना चाहिए।
जरूरी सावधानी: सोशल मीडिया या WhatsApp पर चल रही “पूरे देश में नया नियम लागू” जैसी जानकारी को official notification देखे बिना सही न मानें। कई नियम केवल किसी एक राज्य, जिले, शहर या immersion site पर लागू होते हैं।
DJ और Loudspeaker के बारे में 2026 में क्या ध्यान रखें?
DJ और loudspeaker के लिए पूरे देश में एक ही दुर्गा पूजा नियम नहीं है। ध्वनि की अनुमति और समय-सीमा स्थानीय प्रशासन तथा लागू noise regulations के अनुसार हो सकती है। कुछ राज्यों/शहरों में immersion procession के दौरान DJ पर अलग प्रतिबंध भी हो सकते हैं।
इसलिए पूजा समिति को स्थानीय पुलिस/प्रशासन से sound permission और निर्धारित समय की जानकारी लेनी चाहिए।
विसर्जन के समय किन बातों का ध्यान रखें?
- केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित immersion site का उपयोग करें।
- नदी या तालाब में बिना अनुमति प्रतिमा विसर्जित न करें।
- प्लास्टिक, सजावट और अन्य पूजा सामग्री जल स्रोत में न डालें।
- प्रतिमा से निकलने वाली सामग्री को निर्धारित तरीके से हटाएं।
- विसर्जन जुलूस में पुलिस द्वारा निर्धारित route का पालन करें।
- भीड़ के बीच emergency vehicles के लिए रास्ता खुला रखें।
- बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
- रात में जुलूस या sound system के लिए स्थानीय समय-सीमा का पालन करें।
2026 में क्या खास देखने को मिलेगा?
इस वर्ष दुर्गा पूजा में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक पर्यावरण-अनुकूल आयोजन और निर्धारित immersion व्यवस्था पर बढ़ता जोर है। कई जगह प्रशासन immersion sites, crowd management, traffic और सुरक्षा की पहले से तैयारी कर रहा है।
पश्चिम बंगाल में 2026 की सरकारी व्यवस्था विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि वहाँ अलग Puja Permission Portal के साथ कुछ नए celebration-related restrictions भी घोषित किए गए हैं। वहीं दूसरे राज्यों में स्थानीय प्रशासन अपने-अपने क्षेत्र के अनुसार व्यवस्था लागू कर रहा है।
पूजा समिति के लिए 2026 की आसान Checklist
| काम | क्या जांचें? |
|---|---|
| पंडाल | स्थानीय अनुमति और सुरक्षा |
| बिजली | सुरक्षित wiring और आवश्यक अनुमति |
| अग्नि सुरक्षा | Fire safety व्यवस्था |
| ध्वनि | स्थानीय sound rules और समय सीमा |
| जुलूस | Police permission और निर्धारित route |
| विसर्जन | निर्धारित immersion site |
| पर्यावरण | Eco-friendly idol और waste management |
निष्कर्ष
दुर्गा पूजा 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पूरे भारत में एक ही नया नियम लागू नहीं है। पूजा समिति को अपने राज्य और जिले के स्थानीय प्रशासन के निर्देशों के अनुसार पंडाल, जुलूस, ध्वनि, बिजली, अग्नि सुरक्षा और विसर्जन की अनुमति लेनी चाहिए। प्रतिमा विसर्जन में पर्यावरणीय नियमों और निर्धारित immersion sites का पालन करना विशेष रूप से जरूरी है।
आधिकारिक स्रोत
- West Bengal Government — SAHAJ Puja Permission Portal 2026
- Central Pollution Control Board (CPCB)
- National Mission for Clean Ganga — Official Directions
- Maharashtra Pollution Control Board — Guidelines
- Odisha State Pollution Control Board — Guidelines
- Sikkim State Pollution Control Board
- Government of Assam — Immersion Site Guideline
- Odisha Police — Procession/Immersion Permission
क्या दुर्गा पूजा 2026 में पूरे भारत में एक ही नियम है?
नहीं। केंद्रीय पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के साथ-साथ राज्य, जिला, नगर निकाय और पुलिस के स्थानीय नियम लागू हो सकते हैं।
क्या दुर्गा पूजा के लिए पंडाल की अनुमति जरूरी है?
सार्वजनिक स्थान पर पंडाल लगाने के लिए संबंधित स्थानीय प्रशासन से अनुमति या NOC की आवश्यकता हो सकती है। नियम स्थान के अनुसार अलग हो सकते हैं।
क्या मूर्ति को किसी भी नदी या तालाब में विसर्जित कर सकते हैं?
नहीं। स्थानीय प्रशासन द्वारा निर्धारित immersion site और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
क्या 2026 में DJ पर पूरे भारत में प्रतिबंध है?
नहीं। पूरे भारत के लिए ऐसा एक समान दुर्गा पूजा DJ प्रतिबंध नहीं है। कुछ राज्यों या शहरों में स्थानीय नियम अलग हो सकते हैं।